आक्रोशित परिजनों ने चार घंटे जाम किया किसान नगर-भेवान नगर पटरी मार्ग, तेज धूप से राहगीर हुए बेहाल। उपजिलाधिकारी मैंथा के समझाने पर परिजन माने ।
शिवली कानपुर देहात।
बुधवार की सुबह कोतवाली क्षेत्र के चंपतपुर, बारा खेड़ा गांव के ठीक सामने रामगंगा नहर पटरी मार्ग पर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार किसान को जोरदार टक्कर मार दी। कार की टक्कर लगते ही किसान बाइक समेत उछलकर दूर जा गिरा और सड़क मार्ग पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। किसान की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आक्रोशित हो रामगंगा नहर पटरी मार्ग पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सैकड़ो वाहन जाम में फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और उपजिलाधिकारी मैंथा ने ग्रामीणों को समझाया तब जाकर परिजन और ग्रामीण माने और करीब 4 घंटे जाम लगा रहने के बाद रामगंगा नहर पटरी मार्ग पर परिचालन पुनः शुरू हो सका।
![]() |
| मृतक अवधेश सिंह उर्फ बऊवन: फाइल फोटो |
बताते चलें कि शिवली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चम्पतपुर, बारा खेड़ा गांव निवासी 55 वर्षीय अवधेश सिंह उर्फ बऊवन पुत्र बलवंत सिंह सुबह करीब 8:00 बजे बाइक से किसी आवश्यक कार्य से भावपुर जा रहे थे। अभी वह गांव के सामने राम गंगा नहर पटरी मार्ग पर पहुंचे ही थे कि मैंथा की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने अवधेश की बाइक में सामने से जोरदार टक्कर मार दी और कार अनियंत्रित हो सड़क मार्ग से नीचे नहर पटरी की तरफ जा घुसी। चालक कार मौके पर ही छोड़ फरार हो गया। टक्कर लगते ही अवधेश सिंह बाइक समेत उछलकर दूर जा गिरे। सर के बल गिरने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
आक्रोशित परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और मुआवजे तथा पुत्र को नौकरी दिलाने की मान को लेकर जाम किया सड़क मार्ग
![]() |
| जाम लगाए ग्रामीणों तथा परिजनों को समझाते कोतवाल शिवली |
किसान अवधेश सिंह की मौत की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजन तथा ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही करने का आरोप लगाने लगे और सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। परिजनों का कहना था कि टक्कर मारने के बाद कर चालक गांव में ही कहीं छिपा है लेकिन उसको नहीं खोज रही है। वहीं दूसरी ओर मृतक की पत्नी ने मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी से मांग की, कि मुआवजे के तौर पर 40 लाख रुपए और उसके पुत्र को सरकारी नौकरी दिलाई जाए तभी वह सड़क मार्ग से किसान के शव को उठाने देंगे। जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। ग्रामीणों तथा परिजनों की अनुचित मांगों को देख उपजिलाधिकारी मैंथा श्याम नारायण शुक्ला और कोतवाल शिवली अमरेंद्र बहादुर सिंह ने परिजनों को काफी समझाया और शान द्वारा स्वीकृत हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया तब जाकर परिजन माने और पुलिस ने शव को पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
किसान की मौत पर पत्नी और परिजन हुए बेहाल
![]() |
| परिजनों से वार्ता करते उपजिलाधिकारी मैंथा और सीओ रसूलाबाद |
किसान की मौत पर घटनास्थल पर पहुंची पत्नी साधना सिंह पति का शव देख दहाड़े मार रोने लगी। पत्नी का कहना था कि किसान खेती करके परिवार का भरण पोषण करता था। अब उनके जाने के बाद उसके परिवार का क्या होगा। वहीं दिवंगत की मां विंदेश्वरी, पुत्र नीरज सिंह, नरेंद्र सिंह, बेटी निधी मृतक के भाई राम सिंह, भरत सिंह, शत्रुघ्न सिंह का भी रो रो कर बुरा हाल हो गया।
कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों के उकसाने पर परिजनों तथा ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। समझाने पर परिजन मान गए और पत्नी की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर कार को कब्जे में ले उसके चालक की तलाश की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।





