कानपुर देहात - स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायत शिवली में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) आज भी अनुपयोगी साबित हो रहा है। नगर के सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के उद्देश्य से तैयार किया गया यह सेंटर विभागीय उदासीनता और लापरवाही के चलते वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। हालत यह है कि लाखों की लागत से लगाई गई मशीनें अब जंग खाकर कबाड़ में तब्दील होती जा रही हैं।
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| वर्षों से बंद पड़ा एमआरएफ सेंटर |
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत शिवली के जवाहर नगर क्षेत्र में वर्ष 2021 में लगभग 33 लाख 67 हजार रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कमल कंस्ट्रक्शन कंपनी रूरा द्वारा एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया गया था। यह सेंटर तारा चंद्र इंटर कॉलेज के पीछे स्थापित किया गया था, जहां नगर क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण और उससे उपयोगी सामग्री तैयार करने की योजना बनाई गई थी।
कूड़े से खाद और उपयोगी सामग्री बनाने की थी योजना
एमआरएफ सेंटर में कूड़े से खाद और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार करने के लिए बिजली कनेक्शन सहित फटका प्रेशर रोल मशीन जैसी कई सुविधाएं स्थापित की गई थीं। नगर पंचायत के दस वार्डों से निकलने वाले कचरे के उचित प्रबंधन के लिए इसे महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह योजना धरातल पर सफल नहीं हो सकी।
आबादी के पास फेंका जा रहा कचरा
सेंटर बंद होने के कारण नगर पंचायत क्षेत्र से प्रतिदिन निकलने वाला कचरा आबादी के आसपास ही डाला जा रहा है। कूड़े के ढेरों में दिनभर अन्ना जानवर भोजन तलाशते दिखाई देते हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई।
कस्बावासियों में रोष, जिम्मेदार मौन
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सरकार द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से खर्च की गई लाखों रुपये की धनराशि अधिकारियों की लापरवाही के कारण बेकार साबित हो रही है। पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी सेंटर चालू न होना नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
अधिशासी अधिकारी बोले— जल्द शुरू कराया जाएगा सेंटर
इस संबंध में नगर पंचायत शिवली के अधिशासी अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि एमआरएफ सेंटर की जानकारी प्राप्त कर बंद पड़े सेंटर को जल्द शुरू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
संवाददाता : राहुल मिश्रा


