दुष्कर्म के आरोपी को न्यायालय ADJ-15 ने सुनाई 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा

राहुल मिश्रा
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शिवली कानपुर देहात

कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र में साल 2017 में नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ADJ-15 ने इस जघन्य  अपराध के आरोपी लालबहादुर को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 20,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न चुकाने की स्थिति में दोषी को 1 वर्ष 8 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस के विशेष अभियान के तहत इस मामले में बेहद प्रभावी पैरवी की गई थी जिसके परिणाम स्वरूप दोषी को सजा हुई।



                बताते चलें कि  25 सितंबर 2017 , जब शिवली थाना क्षेत्र के वाघपुर गांव के रहने वाले लालबहादुर पुत्र प्रीतम ने एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस मामले में पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मु0अ0सं0 705/2017 के तहत धारा 376/506 और 4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी। मामले की जांच कर रहे विवेचक शशिभूषण मिश्रा ने बिना कोई समय गंवाए वैज्ञानिक और जमीनी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने गुणवत्तापूर्ण जांच के आधार पर महज दो महीने के भीतर 25 नवंबर 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मामले को उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान के तहत शामिल किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है। शिवली थाना पुलिस, कोर्ट पैरोकार का0 वैभव द्विवेदी और का0 कुलदीप, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने इस मामले में लगातार और मजबूत पैरवी की। गवाहों को समय पर कोर्ट में पेश किया गया और ठोस सबूतों को अदालत के सामने रखा गया। इसी प्रभावी पैरवी का नतीजा रहा कि माननीय न्यायालय ने सभी साक्ष्यों को सही माना और आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सख्त सजा सुनाई।

यह फैसला समाज में महिला सुरक्षा को मजबूत करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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