ई-पंजीकरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं द्वारा चलाया गया ऐतिहासिक आंदोलन हुआ सफल

राहुल मिश्रा
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शिवली कानपुर देहात।

ई पंजीकरण व्यवस्था के एकीकरण के विरोध में वकीलों द्वारा चलाया गया आंदोलन आखिरकार सफल हुआ। शासन द्वारा लागू की गई ई पंजीकरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में प्रदेश भर में अधिवक्ताओं द्वारा चलाए गए आंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन के चलते सरकार ने अपना निर्णय वापस लिया। शासन द्वारा अपना आदेश वापस लेने पर अधिवक्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। मैथा तहसील में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने खुशी का इजहार करते हुए एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर बधाई दी। अधिवक्ता संगठन के तहसील अध्यक्ष ने इस विजय को अधिवक्ताओं की एकता की जीत बताया है।


आंदोलन के सफल होने पर एक दूसरे को बधाई देते अधिवक्ता 


         शान द्वारा लागू की गई ई-पंजीकरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं द्वारा चलाया गया ऐतिहासिक आंदोलन सफल हुआ। अधिवक्ताओं द्वारा लगातार जारी रखा गया आंदोलन सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य तक पहुँचा। शासन को अधिवक्ताओं की एकजुट शक्ति के सामने झुकना पड़ा और विवादित आदेश वापस लेना पड़ा। शासन द्वारा आदेश वापस लेने के बाद मंगलवार से मैथा तहसील में अधिवक्ताओं द्वारा हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की गई है। हड़ताल समाप्त होने पर लायर्स एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष कुलदीप तिवारी राजा एवं पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह भदौरिया ने अभी अधिवक्ताओं का मुंह मीठा कर हर्ष व्यक्त किया। इस दौरान लॉयर्स एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष कुलदीप तिवारी राजा ने कहा कि यह विजय किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिवक्ता साथी के त्याग,धैर्य,अनुशासन और अदम्य साहस और एकजुटता की विजय है। हम उन सभी अधिवक्ता साथियों, बार एसोसिएशनों, संघर्ष समिति, डीड राइटर्स, स्टाम्प वेंडर्स तथा सभी सहयोगी संगठनों का हृदय से अभिनंदन एवं आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने पूरे संघर्ष के दौरान कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। वहीं पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह भदौरिया ने कहा कि हम लोग इसी तरह एकता और संगठन की शक्ति को बनाए रखें तथा अधिवक्ता समाज के सम्मान, अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें। एकता हमारी शक्ति है, संघर्ष हमारी पहचान है, और विजय हमारा सम्मान है। इस दौरान प्रमुख रूप से लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री धर्मवीर सिंह सेंगर, गीतेश अग्निहोत्री, अमित चौहान, रविकांत, कमल, मोहम्मद वसीम, जयनारायण राठौर, गौरव त्रिवेदी, बृजेश दीक्षित, विनोद यादव, अंकित द्विवेदी, राहुल दीक्षित, गौरव मिश्रा, अमितेश, चंदन, कन्हैया गुप्ता, अंकित सिंह चंदेल, शिववीर सिंह चौहान, विजय राजपूत, सलमान राशिद, तेज बहादुर, भरत सिंह सेंगर, आशुतोष पांडे, कीर्ति चौरसिया, रोशनी, धनंजय मिश्रा, ज्ञानेश कुमार, राजीव कुमार दीक्षित, नीलू पाल, राजेश कुमार गौतम, अनुज पाल, दीपमाला, अभिनव त्रिपाठी समेत एक सैकड़ा से अधिक अधिवक्ता गण मौजूद रहे।

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