योगेंद्र गुप्ता अजीतमल (औरैया)। सावन के दूसरे सोमवार को नगर और क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही शिवालयों के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों की ओर उमड़ने लगी। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। सुबह से ही मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भक्त अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उत्साहित नजर आए।
सावन के दूसरे सोमवार को नगर सहित आसपास के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान और श्रद्धा के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भक्तों ने बाबा भोलेनाथ को गंगाजल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई मंदिरों में सुबह से लेकर दोपहर तक लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
शंकर जी की बगिया में उमड़ा कांवड़ियों का हुजूम
शंकर जी की बगिया स्थित शिव मंदिर पर कांवड़ियों की विशेष भीड़ देखने को मिली। भोर से ही कांवड़ लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के जत्थों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। कांवड़ियों ने भोले बाबा के जयकारों के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मंदिर में कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। कांवड़ियों द्वारा जलाभिषेक का सिलसिला भोर से ही शुरू हो गया था। डाक कांवड़ सहित विभिन्न प्रकार की कांवड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि उन्हें जलाभिषेक में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई अलग कतार
मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक कराने के लिए व्यवस्था बनाई। सामान्य श्रद्धालुओं को एक निर्धारित पंक्ति में खड़ा कर क्रमवार मंदिर में प्रवेश कराया गया। इससे भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली और श्रद्धालुओं को भी अपनी बारी का इंतजार करने में सुविधा रही। वहीं छोटे बच्चों द्वारा श्रवण कुमार कांवड़ लेकर पहुंचना श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मासूम बच्चों को कांवड़ के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करते देख लोग भाव-विभोर नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने बच्चों के इस धार्मिक उत्साह की सराहना की।
यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस रही मुस्तैद
सावन के सोमवार को मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। मंदिर के आसपास वाहनों के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए पहले से ही पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए थे। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाकर श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया गया। मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर भी पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था संभालते रहे।
मंदिर परिसर के आसपास लगे मेले में भी दिनभर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने मेले में पहुंचकर जरूरत की वस्तुओं के साथ-साथ बच्चों के लिए खिलौने और अन्य सामान की खरीदारी की। मेले में दुकानों पर भी काफी भीड़ दिखाई दी। सावन के दूसरे सोमवार को पूरे क्षेत्र में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिरों में गूंजते हर-हर महादेव के जयकारों और कांवड़ियों की आस्था ने माहौल को पूरी तरह शिवमय कर दिया।




