योगेंद्र गुप्ता अजीतमल औरैया। तहसील क्षेत्र में यमुना नदी के जलस्तर में पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ोतरी होने से नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है। यमुना कट क्षेत्र और बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील गांवों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि वर्तमान में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, फिर भी प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
गुरुवार को उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत ने राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्र सिकरोड़ी पुल पहुंचकर यमुना नदी के जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने नदी के आसपास के क्षेत्रों तथा सिकरोड़ी गांव के तीनों हिस्सों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं बाढ़ के दौरान होने वाली परेशानियों की जानकारी ली। एसडीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने तथा ग्रामीणों को समय-समय पर जागरूक करने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम यमुना नदी का जलस्तर करीब 104 मीटर पहुंच गया था, जबकि गुरुवार सुबह आठ बजे तक जलस्तर बढ़कर लगभग 104.250 मीटर दर्ज किया गया। यमुना नदी का वार्निंग लेवल 112 मीटर तथा डेंजर लेवल 113 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब आठ मीटर नीचे है
सिकरोड़ी गांव को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता है, तो सिकरोड़ी गांव प्रभावित हो जाता है और कई बार ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ता है। इसी को देखते हुए तहसील प्रशासन ने नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के साथ ही बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों की मदद के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है और यमुना नदी का बहाव सामान्य है। इसके बावजूद यमुना किनारे बसे गांवों में तैनात लेखपालों को लगातार क्षेत्र में नजर रखने तथा ग्रामीणों को सतर्क एवं जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखी जा रही हैं।
उन्होंने तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील गांवों में स्थापित बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। इन चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल संबंधित बाढ़ चौकी के कर्मचारियों अथवा प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से यमुना नदी के किनारे न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न देकर प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है।






