राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर बच्चों को किया गया जागरूक

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उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा में डेंगू से बचाव को लेकर दिलाई गई शपथ

सचिन अग्निहोत्री, कानपुर देहात।
राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों एवं शिक्षकों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को स्वच्छता अपनाने और मच्छरों से बचाव का संदेश दिया।

डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक

होना जरूरी

विद्यालय के प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में प्रतिवर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को डेंगू बुखार, उसके लक्षणों और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपायों के प्रति जागरूक करना है।

उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और जागरूकता ही डेंगू जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

मानसून से पहले सतर्कता बेहद जरूरी

आपदा प्रबंधन के मास्टर ट्रेनर एवं शिक्षक नवीन कुमार दीक्षित ने कहा कि मानसून से पहले जलभराव रोकना, मच्छरों के लार्वा को नष्ट करना तथा आमजन को जागरूक करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर पूरे देश में स्वास्थ्य विभाग, राज्य सरकारों एवं अस्पतालों द्वारा जागरूकता अभियान और शिविर आयोजित किए जाते हैं।

एडीज मच्छर के कारण फैलता है डेंगू

शिक्षक माया देवी ने बच्चों को जानकारी देते हुए बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल रोग है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

घर के आसपास पानी जमा न होने दें

अनुदेशक प्रियंका यादव ने डेंगू से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि घर और आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। कूलर, गमले और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। उन्होंने लोगों से अपील की कि पुराने टायर और डिब्बों में पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रजनन रोका जा सके।

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