कानपुर देहात: छह वर्षों से गंदगी में तब्दील पक्का नाला बना ग्रामीणों के लिए मुसीबत

UP LIVE VISION DESK
0

 

बदबू और गंदगी से नरकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

संवाददाता : राहुल मिश्रा
शिवली, कानपुर देहात।

जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही के चलते विकासखंड मैथा के नेवादा देवराय गांव में करीब छह वर्ष पूर्व बनवाया गया पक्का बरसाती नाला आज ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। नाले की वर्षों से साफ-सफाई न होने के कारण वह पूरी तरह गंदगी, कूड़ा-करकट और दूषित पानी से पट चुका है। नाले से उठ रही बदबू के कारण आसपास रहने वाले लोगों का जीवन दूभर हो गया है और ग्रामीण नरकीय हालात में रहने को मजबूर हैं।


ग्रामीणों ने बताया कि लगभग छह वर्ष पहले गांव में बरसात के पानी की निकासी के लिए तत्कालीन प्रधान सूरजमुखी द्वारा करीब 400 मीटर लंबे पक्के बरसाती नाले का निर्माण कराया गया था। उस समय इसका उद्देश्य गांव के लोगों को जलभराव और गंदगी से राहत दिलाना था, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण नाला कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो गया। नाले की एक तरफ की दीवार भरभराकर अंदर गिर गई, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई और धीरे-धीरे पूरा नाला अवरुद्ध हो गया।

गंदगी और बदबू से बढ़ रहा बीमारी का खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि नाले की दीवार गिरने के बाद आज तक न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान दिया। परिणामस्वरूप नाले में काला दूषित पानी जमा हो गया है, जिससे क्षेत्र में संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नाले से उठने वाली सड़ांध के कारण आसपास रहने वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बालादीन प्रजापति, ग्रामीण

बजरंग प्रसाद अवस्थी

गांव के बजरंग प्रसाद, मुन्ना प्रजापति, बालादीन, भिक्खू प्रजापति, रामनाथ पांडेय और कुलदीप बाजपेई समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि नाले की सफाई वर्षों से नहीं हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।

आए दिन हादसों का भी बना रहता है खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि जिस नाले का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए कराया गया था, वही अब खतरे का कारण बन गया है। नाले में आए दिन पशु और छोटे बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से जल्द नाले की सफाई, मरम्मत और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि गांव के लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top