औरैया (फफूंद संवाददाता)। विकास खंड भाग्यनगर स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार पर 'त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम योजना' एवं 'मिलेट्स (श्री अन्न) योजना' के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में ब्लॉक के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिला व पुरुष किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक विकास अधिकारी (कृषि) हृदेश राजपूत ने की तथा मंच संचालन सहायक तकनीकी प्रबंधक (कृषि) निशांत चतुर्वेदी द्वारा किया गया।
कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और फसल बीमा की दी जानकारी
मंच संचालन करते हुए निशांत चतुर्वेदी ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचने के लिए अनिवार्य रूप से फसल बीमा कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा रोटावेटर, ट्रैक्टर सहित विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान (Subsidy) दिया जा रहा है जिसका किसानों को बढ़-चढ़कर लाभ उठाना चाहिए।
मंच संचालन करते हुए निशांत चतुर्वेदी ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचने के लिए अनिवार्य रूप से फसल बीमा कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा रोटावेटर, ट्रैक्टर सहित विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान (Subsidy) दिया जा रहा है जिसका किसानों को बढ़-चढ़कर लाभ उठाना चाहिए।
उन्नत बीज और फार्मर रजिस्ट्री पर जोर
कृषि गोदाम प्रभारी गजेंद्र सिंह ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नतशील प्रजातियों के बीजों का चयन करने और फसलों की समय से बुवाई करने के वैज्ञानिक तरीके बताए। वहीं ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक विनोद कुमार ने सभी उपस्थित किसानों को 'फार्मर रजिस्ट्री' कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री होने से शासन की सभी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे किसानों के खातों तक पहुंचेगा।
कृषि गोदाम प्रभारी गजेंद्र सिंह ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नतशील प्रजातियों के बीजों का चयन करने और फसलों की समय से बुवाई करने के वैज्ञानिक तरीके बताए। वहीं ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक विनोद कुमार ने सभी उपस्थित किसानों को 'फार्मर रजिस्ट्री' कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री होने से शासन की सभी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे किसानों के खातों तक पहुंचेगा।
धान की फसल को कीटों से बचाने के उपाय
कृषि विशेषज्ञ रतन सिंह ने धान की फसल में लगने वाले विभिन्न कीटों व रोगों के लक्षणों की पहचान कराई। उन्होंने इन रोगों से बचाव के लिए जैविक और रासायनिक नियंत्रण के उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं और शंकाओं का समाधान किया तथा उन्हें पारंपरिक खेती छोड़कर आधुनिक वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर क्षेत्र के सम्मानित प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से मौजूद रहे।
कृषि विशेषज्ञ रतन सिंह ने धान की फसल में लगने वाले विभिन्न कीटों व रोगों के लक्षणों की पहचान कराई। उन्होंने इन रोगों से बचाव के लिए जैविक और रासायनिक नियंत्रण के उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं और शंकाओं का समाधान किया तथा उन्हें पारंपरिक खेती छोड़कर आधुनिक वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर क्षेत्र के सम्मानित प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से मौजूद रहे।




