शिवली: कस्बा शिवली में हादसों को न्यौता देते खुले बरसाती नाले, लोगों की जिंदगी भगवान के हवाले

ब्यूरो कानपुर देहात राहुल मिश्रा
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करीब एक वर्ष पूर्व सफाई के नाम पर नगर पंचायत प्रशासन द्वारा तोड़ा गया नाला आज तक ना ढका गया, आए दिन हादसे का रहता है खतरा


शिवली कानपुर देहात। 


कस्बा शिवली में बरसाती नालों में सुरक्षा स्लैब न होने से नगर पंचायत के बरसाती नाले हादसों को दावत दे रहे हैं। अधिकांश बड़े नालों के आसपास बने मकानों में रह रहे लोगाें की जान हथेली पर रहती है। करीब 8 से 10 फीट गहरे नालों में गिरने के बाद जीवित निकलना असंभव है। अभी हाल में ही रसूलाबाद में दो वर्षीय मासूम की नाले में गिरकर मौत हो चुकी है इसके बाद भी जिम्मेदार नगर पंचायत शिवली सबक नहीं ले रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पक्के बने बरसाती नालों में न तो स्लैब है और न ही सुरक्षा दीवार। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई स्थाई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की इस अनदेखी से लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।



               बताते चलें कि नगर पंचायत शिवली में लोगों को जल भराव की समस्या से निजात दिलाए जाने के उद्देश्य से करीब आठ पक्के नालों का निर्माण कराया गया था जो नाले कस्बे के वार्डों से पांडु नदी तक बनवाए गए हैं जिनसे बारिश के दिनों का पानी इन नालों के माध्यम से पांडु नदी तक चला जाता है। करीब 20 हजार की आबादी वाले शिवली नगर की जल निकासी का  मुख्य साधन बरसाती नाला है। हर साल बरसात से पहले इसकी सफाई कराई जाती है, लेकिन एक वर्ष पूर्व सफाई के नाम पर इसे तोड़कर खुला छोड़ दिया गया। खुले पड़े नाले के कारण आए दिन राहगीर और आवारा पशु उसमें गिरकर घायल हो रहे हैं। बरसाती नाला मुख्य सड़क मार्ग के करीब ही है , जहां प्रतिदिन हजारों वाहन और राहगीर गुजरते हैं। सड़क किनारे खुले नाले के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन अब तक अनजान बना हुआ है। बावजूद इसके नगर पंचायत द्वारा कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। अब स्थानीय निवासियों के मन में यही सवाल उठ रहा है कि क्या नगर पंचायत किसी बड़े हादसे के बाद ही चेतना दिखाएगा, या फिर समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान किया जाएगा।


इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि खुले पड़े बरसाती नालों की जानकारी मिली है और जल्द ही नालों का पुनर्निर्माण कराकर उसे ढकने का कार्य कराया जाएगा।

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