औरैया (ब्यूरो) । जिले के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सैदपुर गांव में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जिस व्यक्ति को मृत मानकर, उसका पोस्टमार्टम कराकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था वह तीसरे दिन सही-सलामत अपने घर लौट आया। इस घटना के बाद से पूरे गांव और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह अज्ञात शव किसका था जिसका अंतिम संस्कार किया गया।
हाईवे किनारे मिला था क्षत-विक्षत शव
पूरा मामला राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पूर्व विधायक मदन सिंह गौतम के जर्जर होटल के खंडहर से जुड़ा है। यहाँ पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था जो कई दिन पुराना होने के कारण आधा क्षतिग्रस्त हो चुका था और उसकी पहचान करना मुश्किल था। सूचना मिलने पर कमल सिंह के बड़े भाई दशरथ और गांव के कुछ अन्य लोगों ने शव की पहचान कमल सिंह के रूप में की। इस पहचान के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
पत्नी के फोन के बाद खुला राज
कमल सिंह की कथित मौत के मामले में जब पुलिस उसकी पत्नी सुनीता से पूछताछ कर रही थी तब सुनीता ने अपने मोबाइल पर आए कुछ पुराने नंबरों पर दोबारा संपर्क किया। एक नंबर पर बात करने पर पता चला कि वह व्यक्ति इटावा में है लेकिन वहाँ कमल सिंह नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। जब सुनीता ने उसी युवक से दोबारा बात कराने को कहा तो दूसरी ओर उसका पति कमल सिंह ही था। पुलिस पूछताछ की बात सुनकर कमल सिंह शनिवार देर शाम सीधे अपने गांव सैदपुर पहुंच गया। उसे जीवित देखकर परिजन और ग्रामीण स्तब्ध रह गए।
पैसे के विवाद में छोड़ा था घर, पत्नी कर रही थी मजदूरी
कमल सिंह ने पुलिस को बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उसने अपने भतीजे को रुपये लेकर खेत दे दिया था जिस बात पर उसका पत्नी सुनीता से विवाद हो गया था। पत्नी ने गुस्से में कहा था कि 'जब तक ₹2 लाख का इंतजाम न हो जाए तब तक मुझे अपनी शक्ल मत दिखाना।' इसके बाद वह बिना बताए घर से चला गया था। वह पहले पानीपत में मुर्गी फार्म पर रहा फिर ट्रक हेल्पर बना और बाद में ग्वालियर जाकर प्लंबर का काम करने लगा। काम के दौरान सीढ़ी से गिरने के कारण उसका पैर टूट गया था लेकिन पत्नी द्वारा नंबर ब्लॉक किए जाने के कारण उससे संपर्क नहीं हो सका था। दूसरी ओर पति के जाने के बाद सुनीता मेहनत-मजदूरी करके अपने तीनों बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। 27 जून को वह एक निजी नौकरी के सिलसिले में नोएडा गई हुई थी इसी दौरान उसे पति कमल सिंह की मौत की सूचना मिली। जब वह गांव पहुंची तो उसी दिन अंतिम संस्कार हो रहा था लेकिन लोगों ने उसे पति के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए।
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
क्षेत्राधिकारी अजीतमल मनोज गंगवार ने बताया कि कमल सिंह के जीवित मिलने के बाद मामले की गहन जांच दोबारा शुरू कर दी गई है। कमल सिंह और उसकी पत्नी से कोतवाली में पूछताछ गई है। हाईवे किनारे मिले अज्ञात शव की वास्तविक पहचान कराने और यह पता लगाने के लिए कि पहचान में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।





