शिवली: कच्ची कोठरी गिरने से मां व अधिवक्ता बेटी की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम

ब्यूरो कानपुर देहात राहुल मिश्रा
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शिवली कानपुर देहात।


तहसील मैंथा क्षेत्र के नवल निवादा मजरा भेवान गांव में एक गरीब का कच्चा आशियाना धराशाही हो गया। धमाके की आवाज सुन ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आनन फानन मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने भारी मशक्कत कर दोनों को बाहर निकाला। कच्चे मकान के मलबे में दब कर मां की मौके पर ही मौत हो गया जबकि पुत्री की सीएचसी शिवली में इलाज के दौरान मौत हो गयी। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने तत्काल दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।


मृतक शांति देवी, अधिवक्ता पुत्री नीलू पाल

                       घटना के बाबत शनिवार की सुबह लगभग 3 बजे नवल निवादा मजरा भेवान गांव में बारिश उस समय आफत लेकर आई जब कच्चे मकान में गुजर बसर कर रही शांति 75 वर्ष तथा नीलू पाल 35 वर्ष मां बेटी एक ही चारपाई परसो रहीं थीं कि उसका कच्चा मकान भर भरा कर उनके ऊपर ढह गया जिससे वह मलबे में दब गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया।


वकालत कर अपना और अपनी माँ का पेट पालती थी नीलू पाल


 नीलू पाल और उसकी मां शांति पर दुखों का पहाड़ तो दो साल पहले ही टूटना शुरू हो गया था जब लंबी बीमारी के चलते रामेश्वर पाल का निधन हो गया था पिता के मौत के बाद मां बेटी किसी तरह मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन बसर कर रही थी। बेटी नीलू विपरीत परिस्थितियों से लड़कर वकालत की पढ़ाई की थी और पेसे से वकील थी। नीलू मैथा तहसील में वकालत की प्रैक्टिस कर रही थी वहीं दोनों अपनी इस जर्जर पुश्तैनी छत के नीचे रहकर जिंदगी की जंग लड़ रही थी लेकिन किसे पता था कि इस रात यह छत ही उनका काल बन जाएगी। 


मौके पर जांच करते तहसीलदार 

सिस्टम की घोर लापरवाही हुई उजागर

नीलू की बड़ी बहन चमेली पाल ने बिलखते हुए बताया कि कच्ची कोठरी होने के कारण अधिवक्ता नीलू पाल द्वारा पिछले दो वर्षों से तहसील दिवसों तथा ब्लॉक मुख्यालय मैथा जाकर प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री आवास दिए जाने की फरियादे करती चली आ रही थी लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा उसकी फरियादों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसके परिणाम स्वरुप नवल निवादा भेवान गांव में अधिवक्ता बेटी अपनी वृद्ध मां के साथ कच्ची कोठरी में रहने के लिए भी विवश थीं। दो दिनों से हो रही लगातार बारिश में कच्ची कोठरी गिरने से मां बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। यदि अधिकारियों द्वारा उसकी फरियाद पर ध्यान देते हुए उसे आवास में मुहैया करवा दिया गया होता तो शायद दोनों की जान बच सकती थी। 


बहनों का हुआ रो रो कर बुरा हाल

अविवाहित अधिवक्ता 35 वर्षीय पुत्री नीलू पाल के साथ कच्ची कोठरी में रहती थी जबकि उसका पुत्र राजेश पाल ट्रक ड्राइवर है जो अपने परिवार के साथ गांव में अलग रहता है। दूसरा पुत्र शिव कुमार खेती किशानी करता है। वह भी अपने परिवार के साथ अलग रहता है। उसकी बड़ी बेटियां चमेली देवी, ननकी देवी, सावित्री देवी तथा संगीता देवी की शादियां हो चुकी है। मां एवं बहन की मौत की जानकारी मिलते ही बहनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया।


मौत के बाद पहुंचा तहसील अमला

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और खुद ही मलबे को हटाने के काम में जुट गए पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर भारी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ।मलवे के भारी दबाव के कारण दोनों ने दम तोड़ दिया औपचारिकता बस पुलिस नीलू को सीएचसी शिवली लाई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत बता दिया । जानकारी पर तहसीलदार संतोष कुमार व राजस्व लेखपाल कामता प्रसाद मिश्र व कानून को नंदकिशोर मौके पर पहुंच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है। एसडीएम प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि तहसीलदार कानून गो व लेखपाल को मौके पर भेजा गया है रिपोर्ट तैयार की जा रही है मृतक परिवारों को हर संभव मदद कराई जाएगी।

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