शिवली कानपुर देहात।
उच्च न्यायालय के निर्देशन में न्यायालय अपर जज सीनियर डिवीजन के आदेश पर शिवली पुलिस द्वारा शिवली बस स्टॉप पर स्थित दबंगई के बलबूते सालों से कब्जा किए शांति देवी की परचून की दुकान खाली करवा कृष्ण कुमार मिश्रा को कब्जा दिलाया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल देख बस स्टॉप पर लोगों के बीच हड़कंप मच गया।
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| परचून दुकान पर मौजूद पुलिस बल |
नगर पंचायत शिवली में बस स्टॉप पर ग्राम सैंबसू थाना बिल्हौर कानपुर नगर निवासी रुद्र नारायण पांडे की 10 फीट चौड़ी तथा 11 फीट लंबी एक दुकान थी जिसे नगर पंचायत शिवली निवासी कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा वर्ष 2008 में क्रय की गई थी। उक्त दुकान पर नगर पंचायत शिवली निवासी राजन लाल अग्निहोत्री का कब्जा था जिसमें वह परचून की दुकान किए थे। कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा कई बार कहने के बाद भी दुकान खाली न किए जाने पर कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा वर्ष 2008 में बैनामा कराने के 3 माह बाद अपर जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दाखिल किया गया था। 2018 में अदालत से कृष्ण कुमार मिश्रा के पक्ष में आदेश जारी हुआ था। जिसके 3 माह बाद 2018 में राजन लाल अग्निहोत्री की मौत होने के कारण उनकी पत्नी शांति देवी द्वारा जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की गई थी। वर्ष 2021 में कृष्ण कुमार मिश्रा के पक्ष में जिला जज की अदालत से भी आदेश पारित हो गया था। कृष्ण कुमार मिश्रा के पक्ष में आदेश पारित हो जाने के पश्चात दिवंगत राजन लाल अग्निहोत्री के पुत्र विजय कुमार अग्निहोत्री मौजी द्वारा अपनी मां शांति देवी को ले जाकर उच्च न्यायालय में अपील दायर कर दी गई थी जहां उच्च न्यायालय द्वारा सीनियर डिवीजन कानपुर देहात की अदालत में ही सुनवाई करने का निर्देश दिया गया था। सीनियर डिवीजन की अदालत में पुनः कृष्ण कुमार मिश्रा के पक्ष में आदेश पारित करते हुए शांति देवी द्वारा दायर वाद याचिका को रद्द कर दिया गया था।
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| शांति व्यवस्था को लेकर मौके पर मौजूद पुलिस बल |
उच्च न्यायालय के निर्देशन पर सीनियर डिवीजन सिविल जज के आदेश पर सोमवार को कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शांति देवी के पुत्रों की मौजूदगी में बस स्टॉप पर स्थित उनके कब्जे से परचून की दुकान खाली करवा कृष्ण कुमार मिश्रा को कब्जा दिलाया गया जिससे बस स्टॉप पर खलबली मच गई। कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर विजय कुमार अग्निहोत्री की परचून की दुकान खाली करवा कृष्ण कुमार मिश्रा को कब्जा दिलाया गया है।




