शिवली कानपुर देहात।
कहते हैं कि मोबाइल जितना फायदेमंद है उतना ही हानिकारक। माता-पिता लाड़ प्यार में बच्चों को मोबाइल तो दे देते हैं लेकिन उसके दुरूपयोग नहीं जानते। मोबाइल फोन अधिक इस्तेमाल करने पर, भाई की फटकार सुनबरसा गांव में कक्षा नौ की छात्रा को नागवार गुजरी। छात्रा ने बुधवार रात मकान के बरामदे के कुंडे में दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। भाई की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घटना के बाबत शिवली कोतवाली क्षेत्र के सुनबरसा गांव निवासी स्वर्गीय पप्पू गौतम की 16 वर्षीय पुत्री स्वाति कक्षा 9 की छात्रा थी जो अपने माता-पिता की मौत होने के बाद से अपने बड़े भाई शैलेंद्र, पुष्पेंद्र तथा जितेंद्र के साथ घर में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थी। उसका भाई शैलेंद्र ऑटो चलाता है। पुष्पेंद्र गांव में ही पंचर की दुकान किए हैं जबकि जितेंद्र सूरत में रहकर कपड़ा फैक्ट्री में काम करता है जो कभी कभार गांव आता है। स्वाति स्कूल से आने के बाद घर पर काफी देर तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया करती थी। जिस पर उसके भाई पुष्पेंद्र ने जमकर फटकार लगा दी थी जिससे वह क्षुब्ध थी। बुधवार रात उसने मकान के बरामदे के कुंडे में दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर रात करीब 11 बजे पुष्पेंद्र ने बहन का शव लटकता देखा तो उसकी चीख निकल गई। उसने पुलिस को सूचना दी। भाई की सूचना पर चौकी प्रभारी प्रवीण मिश्रा ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच छानबीन की।
कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि किशोरी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई है। विधिक कार्यवाही करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।



