शिवली कानपुर देहात।
मुसलमानों का एक अत्यंत पवित्र एवं गमों से भरा त्योहार है जो रसूल अकरम के प्रिय नवासे के बलिदान की याद में सारे विश्व में अपने अपने तरीके से मनाया जाता है। इन पूरे दस दिनों में लोग मर्सिया नोहे आदि पढ़ते हैं इमाम हुसैन के त्याग और बलिदान को याद कर अपने गम का इजहार करते हैं। ताजिए निकालकर गमे हुसैन मनाते हैं और नम आंखों के साथ दसवें दिन ताजीयों को कर्बला में दफना देते हैं। शुक्रवार को कस्बा शिवली स्थित आसपास क्षेत्र में रंजो गम के साथ मोहर्रम का त्यौहार मनाया गया।
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| कस्बा शिवली में ताजिया निकालते मुस्लिम समाज के लोग |
शुक्रवार को मोहर्रम के त्योहार पर नगर पंचायत शिवली में मुसलमानों ने रंजो गम के साथ मातमी माहौल में इमाम चौक पर रखे गए ताजियों को पहले कस्बे की गलियों में घुमाया गया। कस्बे के अंदर घुमाते समय सैकड़ों की तादात में मौजूद युवकों ने लाठी एवं तलवारबाजी का जबरदस्त प्रदर्शन किया। युवकों द्वारा हैरतअंगेज किए गए करतब देख लोगों ने दांतो तले उंगली दबा ली। ताजिएदार सावेश खां व शेरशाह ने बताया कि आज इस्लाम का नाम लेने वाला दुनिया में कोई ना होता अगर इमाम हुसैन अपनी तथा अपने बच्चों की कुर्बानी ना देते। विजय पराजय किसकी हुई संसार में आज सबके जुबान पर है हुसैन मर कर भी अमर हो गए और यजीद का नाम लेने वाला कोई नहीं है। यह पवित्र तथा गमों से भरा कुर्बानी हुसैन का त्यौहार अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। गमे हुसैन की याद को ताजा किया जाता है। मोहर्रम के मौके पर सुभाष नगर स्थित इमाम चौक पर कस्बा समेत आसपास क्षेत्र के सैकड़ों की तादाद में लोग एकत्रित हुए। मोहर्रम के जुलूस में नूरी मदीना मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल वाजिद हाजी मोहम्मद, हनीफ मौलाना नूर मोहम्मद, इरफान अहमद, अधिवक्ता रियाज अहमद, मारूफ अली, सभासद सरताज खान, समीम खान, सैफ अहमद, दानिश खान, रानू खान, सावे राइन, फरजान राइन, इरफान राइन, सीबू खान, नफीस सिद्दीकी, मोहम्मद शाह, यूनुस अली, शोएब खान, सभासद पति ख्वाजा मंसूरी, अयान मंसूरी, इलियाज मंसूरी, चांदबाबू सिद्दीकी समेत सैकड़ों की तादाद में लोग मौजूद रहे। इस दौरान लंगर का भी वितरण किया गया।
मोहर्रम के जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था हेतु अपराध निरीक्षक शीलेन्द्र कुमार यादव, कस्बा प्रभारी आनन्द पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। कस्बा शिवली के साथ-साथ आसपास क्षेत्र के मैथा, बाघपुर, मरहमताबाद, औनहां में भी मोहर्रम का त्यौहार मनाया गया।



