औरैया : सावन के दूसरे सोमवार पर ऐतिहासिक देवकली मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब ,श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, सुरक्षा व्यवस्था रही पुख्ता

सिराजुद्दीन (मुन्ना) पत्रकार
0

औरैया (ब्यूरो)। पवित्र सावन मास के दूसरे सोमवार और सोम प्रदोष व्रत के दुर्लभ संयोग पर जनपद के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक श्री देवकली मंदिर सहित सभी शिवालयों में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंजते रहे। तड़के सुबह से ही देवकली मंदिर के बाहर शिवभक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने पवित्र शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और जन-सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे जिससे भक्तों को सुगमता से जलाभिषेक करने का अवसर मिला।

भगवान भोलेनाथ की आराधना, उपासना का मास श्रावण मास

सावन के दूसरे सोमवार को भगवान भूतभावन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सुबह से ही शिव भक्त शिवालयों में पूजन अर्चन कर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक कर रहे है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की आराधना उपासना से साधक को अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है। आज श्रावण मास के प्रथम दिवस पर सुबह से ही शिव भक्त औरैया के ऐतिहासिक व प्राचीन देवकली मंदिर में पहुँचकर भूतभावन भोले नाथ को बेलपत्र, धतूरा, फल, फूल अर्पित कर गंगाजल से जलाभिषेक कर उन्हें प्रसन्न कर रहे है।

भारी वाहनों के आने पर प्रतिबंध, जगह जगह पुलिस बल तैनात

औरैया के ऐतिहासिक देवकली मंदिर में शिव भक्तों को पूजन अर्चन, जलाभिषेक करने में को कोई परेशानी न हो इसको लेकर जिला प्रशासन के द्वारा रुट डायवर्जन सहित मंदिर मार्ग पर भारी वाहनों के आवागन पर प्रतिबंध लगा दिया। इस मार्ग पर मंदिर जाने वाले ही छोटे वाहन चलेंगे। वही शिव भक्तों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए मंदिर व मंदिर मार्ग पर जगह जगह पुलिस बल को लगाया गया है। देवकली मंदिर में कावर , डाक कावर चढ़ाने वाले शिव भक्तों को भी कोई परेशानी न हो इसको दृष्टिगत रखते हुए दूसरे दरवाजे से मंदिर में प्रवेश किये जाने के इंतजामात किये गए।

विभिन्न प्रांतों से दर्शन करने आते हैं शिव भक्त 

औरैया के ऐतिहासिक देवकली मंदिर में देश के विभिन्न प्रांतों से शिव भक्त दर्शन, पूजन जलाभिषेक, रुद्राभिषेक करने के लिए आते है। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त भगवान भोलेनाथ से कामना लेकर आता है उसकी भगवान भोले अवश्य ही पूरी करते है। यहाँ सावन के सोमवार को  लंबी कतार में लगकर श्रद्धालु भोलेनाथ का पूजन व जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते है।

अधिकारियों ने देवकली मंदिर का किया औचक निरीक्षण
कांवड़ियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने प्रशासनिक टीम के साथ ऐतिहासिक देवकली मंदिर का औचक निरीक्षण किया। दोनों आला अधिकारियों ने मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग, और कांवड़ मार्गों का बारीकी से जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को पूरी मुस्तैदी के साथ सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए। 
चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा पुलिस बल, रूट डायवर्जन लागू
सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से देवकली मंदिर क्षेत्र को विशेष जोन और सेक्टरों में विभाजित किया गया था। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से महिला पुलिस कर्मियों को मुस्तैद किया गया था। देवकली मंदिर की ओर आने वाले मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया था ताकि कांवड़ियों और पैदल श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी मंदिर परिसर के पास आपातकालीन चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top