रिपोर्टर: राहुल मिश्रा | शिवली, कानपुर देहात
🔴 सफाई व्यवस्था की खुली पोल
केंद्र और प्रदेश सरकार जहां स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई को लेकर बड़े दावे कर रही है, वहीं नगर पंचायत शिवली की हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है। कस्बे की गलियों में फैली गंदगी और बजबजाती नालियां सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही हैं।
🔹 मुख्य मार्गों पर ही गंदगी का अंबार
शिवली कस्बे के मुख्य मार्गों पर ही कीचड़ युक्त पानी और कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। ऐसे में अन्य गलियों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है, जहां हालात और भी बदतर हैं।
![]() |
| फैली गंदगी, साफ सफाई करता युवक |
🔹 लोगों का निकलना हुआ मुश्किल
गंदगी और कीचड़ के कारण कस्बावासियों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सड़कों पर बहता गंदा पानी और जाम नालियां आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं।
🔹 भेदभावपूर्ण सफाई का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन द्वारा सफाई कार्य में भेदभाव किया जा रहा है। कुछ चुनिंदा मोहल्लों को छोड़कर अधिकतर क्षेत्रों में गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है।
🔹 जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
नगर के सभासदों की चुप्पी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कस्बावासी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नगर में व्याप्त गंदगी के खिलाफ कोई आवाज क्यों नहीं उठाई जा रही।
🔹 लोग खुद करने लगे सफाई
नगर पंचायत की लापरवाही से परेशान होकर अब कई स्थानों पर लोगों ने खुद ही सड़कों और नालियों की सफाई शुरू कर दी है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
🔹 अधिशासी अधिकारी का जवाब
इस मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि अभियान चलाकर सफाई कराई जा रही है।
⚠️ दावे बनाम हकीकत
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का यह अंतर साफ तौर पर दिखाता है कि शिवली में स्वच्छता व्यवस्था अभी भी कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
