शिवली में खनन का काला खेल: जिम्मेदारों की अनदेखी से दिन रात हो रही अवैध मिट्टी खनन

राहुल मिश्रा
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जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते बेखौफ खनन माफिया राजस्व विभाग को लगा रहे लाखों का चूना, जेसीबी मशीन और डंफरों से खुलेआम खनन जारी

शिवली कानपुर देहात।  मैथा तहसील क्षेत्र में प्रशासन की लचीले रवैए से अवैध खनन का कारोबार खुलेआम दिन दूना रात चौगुना तरक्की कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा भले ही खनन माफियाओं पर सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और डंफर मुख्य मैथा-भेवान रामगंगा नहर पटरी मार्ग, कल्याणपुर शिवली मार्ग से बेखौफ गुजर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं। आश्चर्य की बात है कि मैंथा नगर पुल पर चौबीसों घंटे पुलिस की गस्त रहती है फिर भी खनन माफिया बेखौफ होकर खनन कराने में जुट हैं।

अवैध खनन की तस्वीर
  स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात में 11 बजे से सुबह के समय तक प्रतिदिन, चाहे खखरा नहर पुल या निर्माणाधीन मैंथा थाने के आसपास ग्रामीण इलाकों में जेसीबी मशीनों के जरिए ग्राम समाज की भूमि से और कृषक भूमि से मिट्टी निकाली जा रही है। यह कार्य दिन और रात दोनों समय लगातार जारी है। कई वाहनों पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी है, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है।

 शनिवार रात हुई खखरा नहर पुल के करीब जबरदस्त खनन

शनिवार की देर रात खखरा नहर पुल से महज 100 मीटर दूर रामगंगा नहर पटरी के किनारे ही 2 जेसीबी मशीनों और डंफरों से रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक ग्रामसमाज की भूमि पर जबरदस्त खनन हुई। सोचनीय विषय है कि भेवान मैंथा रामगंगा नहर पटरी मार्ग अति व्यस्त सड़क मार्ग है जिस पर रात भर पुलिस की गस्त रहती है उसके बावजूद खनन माफिया बेखौफ होकर राजस्व विभाग को लाखों रुपए का चूना लगाने में सफल हो रहे हैं और अपनी जेबें भरने में कामयाब हो रहे हैं।


 सरकार को राजस्व का हो रहा है भारी नुकसान

स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन सैकड़ों घनमीटर मिट्टी अवैध रूप से बेची जा रही है। इससे न केवल कृषि भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकार के राजस्व को भी लाखों रुपये का नुकसान पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर खनन संभव नहीं है। अवैध खनन को लेकर अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी राजस्व की रक्षा हो सके।

 जानकर भी अंजान बने जिम्मेदार, बजती रहती घंटी नहीं उठाते फोन

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मैंथा तहसील के ग्राम मकरंदपुर बंथा, खखरा, नाला प्रतापपुर आदि गांवों के ग्रामीणों ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि रात 11 बजे जैसे ही खखरा नहर पटरी के पास खनन आरम्भ हुई तो तहसील के जिम्मेदार आला अधिकारियों को फोन किया गया ना तहसील प्रशासन फोन उठाता है और ना ही पुलिस विभाग। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की मिलीभगत से ही ये काम हो रहा है।

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