कानपुर देहात - 81 दिवसीय गौ रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पर निकले जगदगुरु ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने मंगलवार को शिवली स्थित राघव गोवर्धन गौशाला पहुंचे। गौशाला की कार्यशैली से प्रभावित हुए जगदगुरू ने, राघव गोवर्धन गौशाला में अकबरपुर रनिया विधानसभा क्षेत्र का सबसे विशाल अतिरिक्त गोधाम बनाने की घोषणा की। कस्बा शिवली में प्रवेश करते ही जगदगुरू का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर सनातनियों ने भव्य स्वागत किया।
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| जगदगुरू का गौशाला में स्वागत करते राघव शुक्ला |
बताते चलें कि 81 दिवसीय गौ रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पर निकले जगतगुरु ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज मंगलवार को शिवली स्थित राघव गोवर्धन गौशाला पहुंचे जाना गौशाला के संचालक राघव शुक्ला ने उनका भव्य स्वागत किया। शंकराचार्य ने सनातनियों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ सेवा कर लोग सब कुछ हासिल कर सकते हैं।
गाय केवल दूध देने का साधन नहीं: जगदगुरू
गाय केवल दूध देने का साधन ही नहीं बल्कि उसकी सेवा कर उसे धेनु से कामधेनु मानने वाले लोगों की प्रत्येक मनोकामनाओं को पूरा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि एक महिला की शादी होने के 1 माह बाद ही विपत्ति आने पर उसका पूरा परिवार समाप्त हो गया था उसके पश्चात उसने पुत्र को जन्म दिया था उसे बालक के बड़े होने पर माता ने उसे शिक्षा लेने के लिए महर्षि गौतम के आश्रम भेजा जहां महर्षि ने उस बालक से पिता का नाम तथा गोत्र पूछा तो वह नहीं बता सकता और गुरु ने उसे माता के पास जाकर गोत्र व पिता का नाम पूछ कर आने के लिए कहा वह बालक मां के पास गया तो मां ने उससे कहा की परिवार में कोई नहीं बचा है कैसे जानकारी करूं। यह सुनकर वह बालक पुनः महर्षि गौतम के पास जाकर सत्य बात बतलाई। बालक कि बातों को सुन महर्षि उस बालक पर प्रसन्न हो गए और उसका नाम सत्यकाम जाबाल रखते हुए उससे कहा कि आश्रम की दुबली एवं कमजोर गायों को बाहर निकाल लो और उन्हें चराने ले जाओ और तब तक वापस न आना जब तक उनकी संख्या 1000 ना हो जाए और वह तंदुरुस्त ना हो जाए। 400 दुबली गायों को वह लेकर चला गया कुछ समय बाद ही वह गाय हष्टपुष्ट होने लगी और उनकी संख्या भी बढ़ने लगी। जब गायों की संख्या 1000 हो गई तो वह बालक उन्हें लेकर महर्षि के यहां आने के लिए चल दिया। गौ सेवा करने से गायों के आशीर्वाद से उसे पूर्ण ब्रह्म ज्ञान प्राप्त हो गया। जब वह महर्षि के पास पहुंचा तो उसके चेहरे पर तेज देखकर महर्षि प्रसन्न हो गए और आश्रम में पढ़ रहे अन्य बच्चे दंग रह गए उन्होंने कहा गए हमें सब कुछ दे सकती है हमें लेने की चाहत होनी चाहिए।
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| गाय के बछड़े को दुलारते शंकराचार्य |
राघव गोवर्धन गौशाला में अतिरिक्त गोधाम
उन्होंने कहा कि रानियां अकबरपुर विधानसभा में एक नोट के अभियान के साथ राघव गोवर्धन गौशाला में अतिरिक्त गोधाम बनाए जाने की स्वीकृति देते हुए राघव शुक्ला, अतुल यादव एवं राम जी अग्निहोत्री को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। शंकराचार्य ने गौशाला में गायों के बच्चों को दुलार करते हुए उन्हें माला पहनाई। राघव गोवर्धन गौशाला के संचालक राघव शुक्ला ने शंकराचार्य को बताया कि इस गौशाला में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गौ चिकित्सालय का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस चिकित्सालय में आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से गौ माता की समस्त बीमारियों का उपचार विशेषज्ञ डाक्टरों की उपस्थिति में संभव हो सकेगा। इस मौके पर गौशाला संस्थापक धर्म नारायण शुक्ला, सावित्री शुक्ला, अनुज तिवारी, राम जी अग्निहोत्री, आदेश त्रिवेदी, श्याम त्रिवेदी, अभिनव तिवारी पूती, सभासद कमल तिवारी सहित काफी संख्या में गौ भक्त मौजूद रहे।
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| सनातनियों को गौ रक्षा हेतु संकल्प दिलाते शंकराचार्य |




