शिवली कानपुर देहात।
शनिवार शाम रिश्तों को शर्मशार कर भतीजे द्वारा अविवाहित ताऊ को मौत की नींद सुलाने वाली घटना ने सभी को झकझोर दिया था। मलिकपुर गांव में मामूली कहासुनी के दौरान झुल्लाऐ भतीजे द्वारा कैची से गर्दन पर वार कर बृध्द चाचा की निर्मम हत्या किये जाने के मामले में पुलिस ने सोमवार को आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बताते चलें कि 65 वर्षीय प्रताप सिंह मलिकपुर थाना शिवली निवासी थे। प्रताप सिंह पांच भाई थे जिसमें उसके तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। इसका एक भाई भूरा सिंह तथा उसके मृतक भाई का पुत्र सूरज सिंह पुत्र स्वर्गीय गोविंद सिंह उसके ही मकान पर मलिकपुर गांव में साथ रहते थे। उसकी इकलौती बहन पान कुमारी रतनपुर कॉलोनी थाना पनकी कानपुर में रहती है। 15 दिन पूर्व सूरज सिंह का अपने चाचा भूरा सिंह से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था जिस पर भूरा सिंह मलिकपुर गांव छोड़कर अपनी बहन पान कुमारी के घर रतनपुर कॉलोनी पनकी चले गए थे तब से वहीं पर रह रहे थे।
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| गिरफ्तार कलयुगी भतीजा सूरज |
शनिवार देर शाम किसी बात को लेकर सूरज सिंह का उसके चाचा प्रताप सिंह से बात विवाद हो गया था जिससे झुल्लाकर सूरज सिंह ने कैंची से अपने चाचा प्रताप सिंह की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी और राज छुपाने के उद्देश्य से अपनी बुआ के घर साइकिल से जा पहुंचा और चाचा की जीने से गिरकर मौत हो जाने की जानकारी दी थी जिस पर उसकी बुआ पान कुमारी ने अपने नाती नितिन भदोरिया को फोन कर घटना के बाबत बताया तो नितिन ने मलिकपुर गांव के नन्हू को फोन करके उन्हें घर भेजा जहां नन्हू ने घटनास्थल पर पहुंच प्रताप सिंह के गर्दन पर हुए घाव तथा बह रहे खून की जानकारी देते हुए उनकी हत्या किए जाने की पुष्टि की थी जिस पर स्वजन मौके पर आ गए थे। दिवंगत वृद्ध के भाई भूरा सिंह की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने छानबीन की तथा फॉरेंसिक टीम को बुलाकर नमूने संकलित किए थे।
कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिक खून बहने से मौत होने की पुष्टि हुई है। आरोपी भतीजे सूरज सिंह को आलकत्ल समेत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।


