Kanpur Dehat News: सपा जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं पर मुकदमा दर्ज, 200 अज्ञात कार्यकर्ता भी नामजद

सचिन अग्निहोत्री / एडिटर
0

 

पूर्व में हुए जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन की तस्वीर

कानपुर देहात में सपा नेताओं पर मुकदमा दर्ज, बिना अनुमति प्रदर्शन और हंगामे का आरोप

कानपुर देहात में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के बाद अब मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। जिला मुख्यालय पर बिना अनुमति प्रदर्शन, नारेबाजी और यातायात बाधित करने के आरोप में पुलिस ने सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार थाना अकबरपुर में दर्ज एफआईआर संख्या 0251 दिनांक 12 जून 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2) और 223 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

सपाइयों को रोकते पुलिस अधिकारी
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 11 जून 2026 को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ गुड्डू राजा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और बिना अनुमति प्रदर्शन किया।

मुकदमे में पूर्व जिलाध्यक्ष वीरसेन यादव, संतोष त्रिपाठी, राजलाल सिंह यादव, हाजी फैजान खान समेत कई नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं। इसके अलावा करीब 200 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

एफआईआर के अनुसार प्रदर्शनकारी पेट्रोल, डीजल, गैस की बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने से एम्बुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन करते समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने और लगातार नारेबाजी करते रहे। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर की ओर बढ़ने का प्रयास किया तथा रोकने पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

मामले की जांच उपनिरीक्षक प्रशांत कुमार को सौंपी गई है।

वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि उन्होंने जनता की समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई थी। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार विरोध की आवाज दबाने के लिए राजनीतिक दबाव में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

घटना के बाद जिले की राजनीति गर्मा गई है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top