शिवली: शांतिपूर्ण तरीके से सद्भाव के वातावरण में मनाया चेहल्लुम का त्यौहार, इमाम हुसैन की शहादत को किया याद

राहुल मिश्रा
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शिवली कानपुर देहात।


कस्बा शिवली में हजरत इमाम हुसैन की शहादत के चालीसवें दिन मनाया जाने वाला चेहल्लुम का त्यौहार मंगलवार को पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कस्बे में मजलिस, कुरानखानी और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मातमी जुलूस निकाला गया। मस्जिदों, इमामबाड़ों और कर्बला में विशेष नमाज, फातेहा, मजलिस और कुरआनखानी का आयोजन हुआ। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को दुआ और श्रद्धांजलि अर्पित की और शाम को ताज़िए को कर्बला में मातमी धुन के बीच दफनाया गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस बल और शांति समिति के सदस्य मुस्तैद रहे।



               बुधवार को चेहल्लुम के त्यौहार पर नगर पंचायत शिवली में मुसलमानों ने रंजो गम के साथ मातमी माहौल में मनाया। कस्बे की नूरी मदीना मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल वाजिद मौलाना नूर मोहम्मद हाजी मोहम्मद हनीफ़ ने बताया कि आज इस्लाम का नाम लेने वाला संसार में कोई नहीं होता अगर इमाम हुसैन अपनी तथा अपने बच्चों की कुर्बानी न देते। विजय पराजय किसकी हुई आज सबके सामने है हुसैन मरकर भी अमर हो गए और उन पर जुल्म उठाने वाले यजीद का नाम लेने वाला दुनिया में कोई नहीं बचा है। मोहर्रम के चालीस दिन बाद यह त्यौहार मनाया जाता है। गमे हुसैन की याद को ताजा किया जाता है। चालीसवें के मौके पर नगर पंचायत शिवली स्थित इमाम चौक पर सैकड़ों की तादात में लोग एकत्र हुए। इस मौके पर इरफान अहमद, सरफराज खान, मोहम्मद रियाज, शोएब खान, बबलू खान, सीबू खान, यूनुस अली, मारूफ अली, ख्वाजा मंसूरी, सफीक राइन, अयान मंसूरी, साहबे आलम, इरफान राइन, यूनुस, वसीम, आजाद, चांद बाबू,  मुस्ताक अली, सलीम सहारा, रानू खान, इम्तियाज अहमद, अफजाल अहमद, नफीस सिद्दीकी आदि की देखरेख में विशाल लंगर का भी आयोजन किया गया। शाम को मातमी धुन के साथ ताजियों को कर्बला में दफनाया गया। इस दौरान शिवली कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह,  क्राइम इंस्पेक्टर शीलेन्द्र कुमार कस्बा प्रभारी अच्छेलाल पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था हेतु मौजूद रहे।

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