औरैया: दिबियापुर में फफूंद रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव के लिए उमड़ा जनसैलाब, निकाला 'टॉर्च फ्लैशलाइट मार्च'

सिराजुद्दीन (मुन्ना) पत्रकार
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औरैया। दिबियापुर में फफूंद रेलवे स्टेशन पर प्रमुख और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर मंगलवार शाम स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्र की लंबे समय से लंबित इस मांग को पूरा कराने के लिए सैकड़ों नगरवासियों ने एकजुट होकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार शाम करीब सात बजे अपने मोबाइल फोन की टॉर्च और फ्लैशलाइट जलाकर एक विशाल 'टॉर्च मार्च' निकाला और जोरदार नारेबाजी की।

दूसरे स्टेशनों पर जाने को मजबूर हैं यात्री
प्रदर्शन में शामिल नागरिकों और यात्रियों का कहना है कि फफूंद रेलवे स्टेशन इस पूरे क्षेत्र का एक प्रमुख और व्यस्त स्टेशन है। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री अलग-अलग बड़े शहरों के लिए यात्रा करते हैं। इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का यहां ठहराव नहीं होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए काफी दूर स्थित दूसरे रेलवे स्टेशनों का रुख करना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।
वंदे भारत और शताब्दी समेत इन ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि कोरोना काल या अन्य कारणों से लंबे समय से बंद पड़े ठहराव को फिर से शुरू किया जाए। लोगों ने विशेष रूप से वंदे भारत एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, मूरी एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस और चित्रकूट पैसेंजर जैसी प्रमुख ट्रेनों के फफूंद स्टेशन पर ठहराव की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि इन महत्वपूर्ण ट्रेनों के रुकने से दिबियापुर और आसपास के दर्जनों गांवों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, इससे क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों और आवागमन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
मार्च में मौजूद रहे कई गणमान्य नागरिक
इस विरोध प्रदर्शन और मोबाइल टॉर्च मार्च का नेतृत्व मुख्य रूप से पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद पोरवाल, धीरज शुक्ला, श्याम कुमार, अजय पैराडाइज, सचिन गुप्ता, अमित गुप्ता, अक्षय त्रिपाठी, विवेक कुमार, रवि कुमार, अमित कुमार और प्रवीण कुमार सहित कई स्थानीय नेताओं और गणमान्य नागरिकों ने किया। मार्च के अंत में नगरवासियों ने रेलवे प्रशासन को चेतावनी देते हुए अपील की कि वे जनता की बेहद जरूरी मांग पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लें, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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