औरैया। जनपद के पूर्ति विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) राजेश कुमार का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल ऑडियो में डीएसओ द्वारा अपने ही विभाग के अधीनस्थ कर्मचारी, सप्लाई इंस्पेक्टर (पूर्ति निरीक्षक) समीर त्रिवेदी के साथ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आरोप है कि ऑफिस और कार्यस्थल पर देरी को लेकर हुई इस कथित बातचीत के दौरान अधिकारी ने न सिर्फ कई बार गाली-गलौज की बल्कि कर्मचारी को जूते से मारने तक की धमकी दे डाली।
उत्पीड़न और द्वेष भावना का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब शासन स्तर से आई एक जांच के बाद पूर्ति निरीक्षक ने विभाग के भीतर अपनी बात रखी। सप्लाई इंस्पेक्टर समीर त्रिवेदी ने डीएसओ पर द्वेष भावना रखने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने साक्ष्य के तौर पर डीएसओ द्वारा पूर्व में जारी किए गए नोटिसों का हवाला दिया और इसे उत्पीड़न की कार्रवाई बताया। इसी के साथ उन्होंने इस कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक कर दी।
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब शासन स्तर से आई एक जांच के बाद पूर्ति निरीक्षक ने विभाग के भीतर अपनी बात रखी। सप्लाई इंस्पेक्टर समीर त्रिवेदी ने डीएसओ पर द्वेष भावना रखने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने साक्ष्य के तौर पर डीएसओ द्वारा पूर्व में जारी किए गए नोटिसों का हवाला दिया और इसे उत्पीड़न की कार्रवाई बताया। इसी के साथ उन्होंने इस कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक कर दी।
अधिकारी के व्यवहार पर उठे गंभीर सवाल
एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी के बीच हुई इस कथित बातचीत ने विभाग की कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी महकमे में इस बात को लेकर तीखी चर्चाएं हैं कि यदि एक अधिकारी अपने ही कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार करेगा तो कार्यस्थल का माहौल कैसा रहेगा। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों की नजरें भी इस प्रकरण पर टिक गई हैं। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि ये ऑडियो AI द्वारा बनाई गई है।
एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी के बीच हुई इस कथित बातचीत ने विभाग की कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी महकमे में इस बात को लेकर तीखी चर्चाएं हैं कि यदि एक अधिकारी अपने ही कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार करेगा तो कार्यस्थल का माहौल कैसा रहेगा। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों की नजरें भी इस प्रकरण पर टिक गई हैं। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि ये ऑडियो AI द्वारा बनाई गई है।
वायरल हुई ऑडियो की सत्यता और इसमें कही गई बातों की स्वतंत्र रूप से यूपी लाइव विज़न पुष्टि नहीं करता है। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



