औरैया (ब्यूरो)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को दबाने और विपक्ष की आवाज को कुचलने का एक और बड़ा मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम दिबियापुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अंशु तिवारी को उनके कार्यालय में ही हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया। वह दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में शामिल होने के लिए कूच करने वाले थे। इस दमनकारी कार्रवाई के बाद कांग्रेस महासचिव और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई ।
खुफिया तंत्र की सूचना पर पहुंची पुलिस
मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस महासचिव अंशु तिवारी शुक्रवार रात अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना होने की योजना बना रहे थे। स्थानीय खुफिया तंत्र से इनपुट मिलते ही दिबियापुर पुलिस भारी बल के साथ उनके कार्यालय पहुंच गई। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए अंशु तिवारी को बाहर निकलने से रोक दिया और उन्हें उनके ही दफ्तर में नजरबंद कर दिया। इस दौरान तानाशाही का विरोध कर रहे अंशू तिवारी और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस महासचिव अंशु तिवारी शुक्रवार रात अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना होने की योजना बना रहे थे। स्थानीय खुफिया तंत्र से इनपुट मिलते ही दिबियापुर पुलिस भारी बल के साथ उनके कार्यालय पहुंच गई। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए अंशु तिवारी को बाहर निकलने से रोक दिया और उन्हें उनके ही दफ्तर में नजरबंद कर दिया। इस दौरान तानाशाही का विरोध कर रहे अंशू तिवारी और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलना चाहती है: अंशु तिवारी
अपनी अवैध नजरबंदी से आक्रोशित कांग्रेस महासचिव अंशु तिवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा "यह कार्रवाई पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है। दिल्ली में छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अहंकारी सरकार पुलिस के दम पर उनके आंदोलन को कुचलना चाहती है। वहां बेटियों तक को बेरहमी से पीटा गया है। जब देश के अन्य लोग छात्रों के समर्थन में जा सकते हैं तो विपक्ष को क्यों रोका जा रहा है? सरकार चाहे जितने जुल्म कर ले हम छात्रों और युवाओं के हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।"
अपनी अवैध नजरबंदी से आक्रोशित कांग्रेस महासचिव अंशु तिवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा "यह कार्रवाई पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है। दिल्ली में छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अहंकारी सरकार पुलिस के दम पर उनके आंदोलन को कुचलना चाहती है। वहां बेटियों तक को बेरहमी से पीटा गया है। जब देश के अन्य लोग छात्रों के समर्थन में जा सकते हैं तो विपक्ष को क्यों रोका जा रहा है? सरकार चाहे जितने जुल्म कर ले हम छात्रों और युवाओं के हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।"
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में आक्रोश
कांग्रेस महासचिव अंशु तिवारी को हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर फैलते ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया । स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसी स्थिति है । खबर लिखे जाने तक अंशु तिवारी के कार्यालय में पुलिस बल तैनात है।
कांग्रेस महासचिव अंशु तिवारी को हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर फैलते ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया । स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसी स्थिति है । खबर लिखे जाने तक अंशु तिवारी के कार्यालय में पुलिस बल तैनात है।


