कानपुर देहात। सिकंदरा थाना क्षेत्र में मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच कर लौट रहे अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आलोक प्रसाद की सरकारी कार सोमवार रात एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। तेज बारिश के बीच रसधान-देवीपुर मार्ग स्थित औडेरी बंबा पुलिया पर कार अनियंत्रित होकर बंबा में जा गिरी। देखते ही देखते कार में पानी भर गया और एएसपी समेत चालक व एक हेड कांस्टेबल करीब एक घंटे तक कार के अंदर फंसे रहे।
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| एएसपी की गाड़ी को रेस्क्यू करती टीम |
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार लगभग पूरी तरह पानी में डूब चुकी थी। काफी प्रयासों के बावजूद तीनों बाहर नहीं निकल सके, जिसके बाद थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सिकंदरा पुलिस मौके पर पहुंची और पास स्थित पेट्रोल पंप से सीढ़ी की व्यवस्था कर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने एएसपी, चालक और हेड कांस्टेबल को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही कार में रखा सरकारी असलहा, लैपटॉप और अन्य सामान भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाद में क्रेन की सहायता से कार को बंबा से बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब नौ बजे एएसपी आलोक प्रसाद सिकंदरा थाना क्षेत्र के एक गांव में मासूम से दुष्कर्म एवं हत्या के मामले की जांच कर लौट रहे थे। इसी दौरान औडेरी बंबा पुलिया पर तेज बारिश के कारण कार अनियंत्रित होकर सीधे बंबा में गिर गई।
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| गाड़ी से बाहर निकलते पुलिसकर्मी |
हादसे के बाद कार के भीतर तेजी से पानी भरने लगा और दरवाजे लॉक हो गए, जिससे तीनों पुलिसकर्मी अंदर फंस गए। विपरीत परिस्थितियों में एएसपी आलोक प्रसाद ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कार का पिछला दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद तीनों किसी तरह कार की छत पर पहुंचे और मदद का इंतजार करने लगे।
इसी बीच पीछे से आ रहे सिकंदरा थाना प्रभारी सुधाकर सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। सीढ़ी के माध्यम से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस हादसे में एएसपी आलोक प्रसाद और उनके चालक को मामूली चोटें आई हैं, जबकि सभी की हालत सुरक्षित बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, औडेरी बंबा पुलिया पर एल-शेप का तीखा मोड़ है, लेकिन वहां पर्याप्त सुरक्षा बाउंड्री और चेतावनी संकेतक नहीं लगे हैं। तेज बारिश के कारण चालक को मोड़ स्पष्ट दिखाई नहीं दिया, जिससे कार अनियंत्रित होकर बंबा में जा गिरी। घटना के बाद पुलिया पर सुरक्षा इंतजामों और चेतावनी संकेतकों की कमी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।