कानपुर देहात: रसूलाबाद में नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़, जर्जर इमारत में संचालित हो रहा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

ब्यूरो कानपुर देहात राहुल मिश्रा
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खस्ताहाल विद्यालयों के भवन: शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही हर दिन रहता हादसे का डर, कहीं बाहर लग रही कक्षाएं तो कहीं दूसरे भवन में शिफ्ट हुआ विद्यालय


रिपोर्टर राज प्रताप सिंह गौर


जनपद कानपुर देहात के रसूलाबाद के कई सरकारी विद्यालयों के जर्जर भवन नौनिहालों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं अधिकांश विद्यालयों में मरम्मत या नए भवन का कार्य हो चुका है लेकिन कुछ विद्यालय अब भी बदहाल स्थिति में है। कहीं बच्चे खुले में पढ़ाई करने को मजबूर हैं तो कहीं विद्यालय भवन पर ताला लगाकर दूसरे भवन में कक्षाएं संचालित की जा रहे हैं। जनपद कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील क्षेत्र के कहिंजरी स्थिति राम विलास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भवन लंबे समय से जर्जर है भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि छात्र-छात्राओं को बाहर बैठा कर पढ़ाया जाता है। बारिश या खराब मौसम होने पर कई बार छुट्टी करनी पड़ती है, विद्यालय परिसर की बाउंड्री भी क्षतिग्रस्त है जिससे हर समय हादसे से की आशंका बनी रहती है।




                     बताते चलें कि वर्ष 1964 में स्थापित और 1991 में ऐडेड हुए इस विद्यालय में वर्तमान में करीब 350 छात्र अध्यनरत है जिनमें लगभग 200 छात्राएं हैं विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेंद्र सिंह गौर ने बताया कि जर्जर भवन के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक समेत संबंधित आलाधिकारीयों को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। भवन के पुनर्निर्माण के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं। विद्यालय की समस्या को देखते हुए रसूलाबाद विधायिका पूनम शंखवार ने पांच लाख रूपये तथा शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल ने तीन लाख की धनराशि स्वीकृत की है। विद्यालय परिवार ने जनप्रतिनिधियों का आभार जताते हुए जल्द ही मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई है। उधर अकबरपुर ब्लॉक के बैजू पुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन भी जर्जर होने के कारण बंद कर दिया गया है। विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा है और बच्चों की पढ़ाई कुछ दूरी पर बने दूसरे भवन में कराई जा रही है।




बैजू पुरवा के ग्रामीणों का कहना है कि पुराना भवन जल्द ध्वस्त कराया जाना चाहिए। क्योंकि  बच्चे वहाँ खेलते खेलते पहुंच जाते हैं। और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


खंड शिक्षा अधिकारी अकबरपुर मनोज कुमार पटेल ने बताया कि नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे भवन में कक्षाएं संचालित कराई जा रही हैं। लोगों ने जर्जर भवनों को शीघ्र ध्वस्त कर नए भवनों के निर्माण की मांग की है। ताकि छात्र सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर सकें।

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