औरैया: आनेपुर में वृद्धाश्रम के औचक निरीक्षण में मिलीं भारी कमियां, 139 में से मौके पर मिले सिर्फ 78 वृद्धजन, कर्मचारी मिले नदारद, नहीं बने हैं कई बुजुर्गों के आधार व आयुष्मान कार्ड, न्यायाधीश के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रोमा गुप्ता ने की कार्रवाई, विधिक शिविर में बुजुर्गों को बताए कानूनी हक, बच्चों से भरण-पोषण पाने का अधिकार

सिराजुद्दीन (मुन्ना) पत्रकार
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औरैया। माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औरैया मयंक चौहान के आदेश पर मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रोमा गुप्ता ने आनेपुर स्थित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से आश्रम प्रबंधन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान वहां भारी अनियमितताएं और कमियां उजागर हुईं।
रजिस्टर और मौके की संख्या में बड़ा झोल
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला वृद्धजनों की संख्या को लेकर सामने आया। वृद्धाश्रम के प्रबंधक नरेंद्र पाल ने बताया कि आश्रम की कुल क्षमता 150 वृद्धजनों की है, जिसमें से वर्तमान में कागजों पर 139 वृद्धजन पंजीकृत हैं। लेकिन जब सचिव रोमा गुप्ता ने मौके पर मौजूद बुजुर्गों की गिनती करवाई, तो वहां मात्र 78 वृद्धजन ही उपस्थित पाए गए। इस भारी अंतर पर प्रबंधन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके अलावा ड्यूटी से कई कर्मचारी भी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए।
किचन में गंदगी और स्वास्थ्य जांच ठप
सचिव ने जब आश्रम के किचन (रसोई) और भण्डारण कक्ष (स्टोर रूम) का जायजा लिया, तो वहां रखरखाव और खाद्य सामग्री को लेकर कई गंभीर कमियां मिलीं। इन व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के लिए प्रबंधक को कड़ी चेतावनी दी गई। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा समय-समय पर वृद्धजनों के स्वास्थ्य की जांच नहीं की जा रही है। इस पर सचिव ने नाराजगी जताते हुए प्रबंधक को निर्देशित किया कि वे मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) से पत्राचार कर जल्द से जल्द स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन सुनिश्चित कराएं।
कैम्प लगाकर बनाए जाएंगे आधार और आयुष्मान कार्ड
निरीक्षण के दौरान मानवीय दृष्टिकोण से एक और बड़ी कमी सामने आई कि आश्रम में रह रहे कई बुजुर्गों के पास न तो आधार कार्ड हैं और न ही सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का आयुष्मान हेल्थ कार्ड बना है। इसके कारण वे जरूरी सुविधाओं से वंचित हैं। सचिव श्रीमती रोमा गुप्ता ने आश्वस्त किया कि जल्द ही संबंधित विभागों के समन्वय से वृद्धाश्रम में एक विशेष कैम्प (शिविर) लगाया जाएगा, जिसके तहत सभी शेष वृद्धजनों के आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवाए जाएंगे।
01 नवंबर को ककोर में लगेगा वृहद विधिक शिविर
औचक निरीक्षण के साथ ही आश्रम में वृद्धजनों के लिए एक विधिक जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में सचिव श्रीमती रोमा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 01 नवंबर 2026 को ककोर में एक वृहद विधिक जागरूकता एवं सहायता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस महा-शिविर में आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए शासन के प्रत्येक विभाग द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक अपनी किसी भी समस्या के समाधान के लिए कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औरैया में भी संपर्क स्थापित कर सकता है।
बुजुर्गों को है बच्चों से भरण-पोषण पाने का कानूनी हक
जागरूकता शिविर में मौजूद चीफ एलएडीसीएस (LADCS) जितेन्द्र कुमार ने बुजुर्गों को उनके अधिकारों के प्रति सजग किया। उन्होंने बताया कि यदि किसी वृद्ध को उनके बच्चे बेसहारा छोड़ देते हैं, तो वे भरण-पोषण संबंधी प्रार्थनापत्र उपजिलाधिकारी (SDM) को देकर अपने बच्चों से कानूनी रूप से गुजारा भत्ता प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि यह उनका कानूनी अधिकार है। इस दौरान बुजुर्गों को कानून से मिलने वाली अन्य सहूलियतों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
इस पूरे औचक निरीक्षण एवं जागरूकता शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के प्रभारी दिलीप कुमार के साथ पीएलवी (पारा लीगल वालंटियर) लालता प्रसाद मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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