औरैया: पाता गेल प्लांट के केमिकल युक्त पानी से बंबा में भड़की भीषण आग, मचा हड़कंप, 15 फीट ऊंची उठीं लपटें, फोम से बुझाई गई आग, फॉरेंसिक टीम ने लिए सैंपल, अधिकारियों ने किया निरीक्षण

सिराजुद्दीन (मुन्ना) पत्रकार
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फफूंद (औरैया)। थाना क्षेत्र के अंतर्गत बढुआ बंबा के पानी में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें करीब 15 फीट ऊंची उठने लगीं, जिससे आस-पास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़े मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गेल इंडिया लिमिटेड के पाता प्लांट से निकले खतरनाक ज्वलनशील केमिकल के कारण यह हादसा हुआ।

15 फीट ऊंची उठीं लपटें, फोम से बुझाई गई आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर लगभग 12 बजे बढुआ बंबा के पानी में अचानक आग की तेज लपटें दिखाई दीं। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गेल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। करीब आधे घंटे बाद पाता प्लांट और औरैया से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पानी में केमिकल होने के कारण आग बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को विशेष फोम का छिड़काव करना पड़ा, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
फॉरेंसिक टीम ने लिए सैंपल, अधिकारियों ने किया निरीक्षण
घटना के बाद एसडीएम सदर ब्रह्मानंदन, सीओ फायर तेजवीर सिंह, सीओ अजीतमल शैलेंद्र सिंह और थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बंबा के किनारे-किनारे जाकर उस स्थान का निरीक्षण किया जहां से पाता प्लांट का पानी अंदर आ रहा था। बंबा के पानी में साफ तौर पर केमिकल तैरता नजर आ रहा था और उससे बेहद तेज दुर्गंध आ रही थी। अधिकारियों ने तुरंत गेल प्रबंधन से इस केमिकल युक्त पानी के बहाव को बंद करने के निर्देश दिए। वहीं, मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने जांच के लिए पानी और केमिकल के तीन बोतलों में सैंपल भरे हैं।
नदी के अस्तित्व और बेजुबानों पर मंडराया खतरा
ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह केमिकल युक्त पानी इतना खतरनाक है कि यदि कोई मवेशी या जानवर इसे पी ले, तो उसकी कुछ ही देर में मौत हो जाती है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह प्रदूषित और खतरनाक पानी आगे जाकर सीधे सेगुर नदी में गिरता है, जिससे नदी का पानी और जलीय जीवन भी पूरी तरह खतरे में पड़ गया है। अधिकारियों ने मामले की गहन जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अशोक कुमार चक प्रधान, ग्राम पंचायत खानपुर

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