**बीमार मवेशी लेकर भटक रहे किसान, रूरा पशु चिकित्सालय में 2 साल से लटका है ताला*
कानपुर देहात
रूरा कस्बे के राजकीय पशु चिकित्सालय में पिछले दो साल से स्थायी पशु चिकित्सक का पद खाली पड़ा है, जिससे क्षेत्र के करीब 100 गांवों के पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।एक ही डॉक्टर के भरोसे दो अस्पताल, निजी डॉक्टरों को देना पड़ रहा मोटा पैसा जानकारी के अनुसार दो साल पहले यहां तैनात डॉक्टर का तबादला हो गया था, जिसके बाद से आज तक शासन ने कोई नई नियुक्ति नहीं की है। काम चलाने के लिए काशीपुर अस्पताल के डॉक्टर श्याम त्रिपाठी को रूरा का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
एक ही डॉक्टर के जिम्मे दो अस्पताल होने से दोनों जगह की व्यवस्था चरमरा गई है। आलम यह है कि दूर-दराज से अपने बीमार मवेशियों को लेकर अस्पताल पहुंचने वाले किसानों को अक्सर अस्पताल में ताला लटका मिलता है।
समय पर इलाज न मिलने से पशुपालकों को मजबूरन निजी पशु चिकित्सकों के पास जाना पड़ रहा है, जहां उन्हें हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द स्थायी डॉक्टर की तैनाती की मांग की है



