योगेंद्र गुप्ता अजीतमल (औरैया)। अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में बीते 14 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और बादल फटने की घटना में लापता हुए क्षेत्र के सराय अमिलिया निवासी अग्निवीर जवान विनोद यादव की 44 दिन बाद पहचान हो सकी है। शनिवार को सेना द्वारा जवान के अस्थि अवशेष परिजनों को सौंप दिए गए। लंबे समय से बेटे की सकुशल वापसी की आस लगाए बैठे परिवार के सामने जब अस्थियां पहुंचीं, तो घर में कोहराम मच गया। मां सुनीत देवी, पिता महेंद्र यादव और छोटे भाई अभिषेक सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुखद खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
शहीद सैनिक के अवशेषों का ताबूत जैसे ही सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव लाया गया, पूरा माहौल बेहद गमगीन हो गया। वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी मौके पर उमड़ पड़े। सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी जवान को अंतिम सलामी दी और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद सैनिक के अवशेषों का ताबूत जैसे ही सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव लाया गया, पूरा माहौल बेहद गमगीन हो गया। वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी मौके पर उमड़ पड़े। सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी जवान को अंतिम सलामी दी और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
शहीद जवान को नमन करने और परिजनों को ढांढस बंधाने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी (SDM) अजीतमल विनोद कुमार मीणा, तहसीलदार अविनाश कुमार, क्षेत्राधिकारी (CO) शैलेंद्र सिंह और कोतवाल विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने सैनिक के पार्थिव अवशेषों पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
शहीद जवान को नमन करने और परिजनों को ढांढस बंधाने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी (SDM) अजीतमल विनोद कुमार मीणा, तहसीलदार अविनाश कुमार, क्षेत्राधिकारी (CO) शैलेंद्र सिंह और कोतवाल विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने सैनिक के पार्थिव अवशेषों पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बादल फटने से बहे थे सेना के शेल्टर
महेंद्र यादव के पुत्र विनोद यादव अग्निवीर योजना के शुरुआती बैच में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती 5वीं ग्रेनेडियर बटालियन में थी। 14 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे दिबांग वैली के पाशु पानी स्थित सैन्य कैंप के पास अचानक बादल फटने से भयानक बाढ़ आ गई थी। पानी के तेज बहाव में सेना के दो शेल्टर पूरी तरह बह गए, जिसकी चपेट में सात जवान आ गए थे। इनमें से दो जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि विनोद यादव समेत पांच जवान लापता हो गए थे।
महेंद्र यादव के पुत्र विनोद यादव अग्निवीर योजना के शुरुआती बैच में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती 5वीं ग्रेनेडियर बटालियन में थी। 14 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे दिबांग वैली के पाशु पानी स्थित सैन्य कैंप के पास अचानक बादल फटने से भयानक बाढ़ आ गई थी। पानी के तेज बहाव में सेना के दो शेल्टर पूरी तरह बह गए, जिसकी चपेट में सात जवान आ गए थे। इनमें से दो जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि विनोद यादव समेत पांच जवान लापता हो गए थे।
डीएनए जांच से हुई अवशेषों की पहचान
हादसे के बाद सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने बेहद दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और लगातार हो रही बारिश के बीच संयुक्त रूप से बड़ा खोज अभियान चलाया। काफी प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीमों को कुछ मानव अवशेष बरामद हुए थे। शिनाख्त न हो पाने के कारण प्रशासन ने इनका डीएनए टेस्ट कराया। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आखिरकार लापता जवान विनोद यादव की पहचान की आधिकारिक पुष्टि हुई, जिसके बाद शनिवार को उनके अवशेष गृह जनपद लाए गए।
हादसे के बाद सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने बेहद दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और लगातार हो रही बारिश के बीच संयुक्त रूप से बड़ा खोज अभियान चलाया। काफी प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीमों को कुछ मानव अवशेष बरामद हुए थे। शिनाख्त न हो पाने के कारण प्रशासन ने इनका डीएनए टेस्ट कराया। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आखिरकार लापता जवान विनोद यादव की पहचान की आधिकारिक पुष्टि हुई, जिसके बाद शनिवार को उनके अवशेष गृह जनपद लाए गए।






