औरैया। एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने और फर्जी मुकदमों की जांच की मांग को लेकर जन जागरण समिति औरैया ने आज जिला मुख्यालय ककोर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अविनाश चन्द्र मौर्य को महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित 97वां ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही समिति ने प्रेम विवाह के नियमों में बदलाव की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम भी एक ज्ञापन दिया है।
सरकारी धन की वसूली और निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन में मुख्य रूप से एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज कराए जाने वाले फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराने और झूठे मुकदमों के जरिए हासिल की गई सरकारी सहायता राशि की वसूली किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में मुख्य रूप से एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज कराए जाने वाले फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराने और झूठे मुकदमों के जरिए हासिल की गई सरकारी सहायता राशि की वसूली किए जाने की मांग की गई है।
प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी
जन जागरण समिति के संयोजक महेश पांडे ने बताया कि समिति पिछले 97 महीनों से लगातार लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से ज्ञापन दे रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किया जाना उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है, जो लोकतंत्र के लिए एक कलंक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक एससी-एसटी एक्ट में दुरुपयोग रोकने के लिए आवश्यक संशोधन नहीं हो जाता, तब तक हर महीने राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन देने का यह सिलसिला जारी रहेगा।
जन जागरण समिति के संयोजक महेश पांडे ने बताया कि समिति पिछले 97 महीनों से लगातार लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से ज्ञापन दे रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किया जाना उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है, जो लोकतंत्र के लिए एक कलंक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक एससी-एसटी एक्ट में दुरुपयोग रोकने के लिए आवश्यक संशोधन नहीं हो जाता, तब तक हर महीने राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन देने का यह सिलसिला जारी रहेगा।
12 दिसंबर से जिला मुख्यालय पर शुरू होगा सत्याग्रह
संयोजक महेश पांडे ने एक बड़े आंदोलन का ऐलान करते हुए कहा कि 19 दिसंबर 2026 को समिति अपना 100वां ज्ञापन सौंपेगी। इससे पूर्व 12 दिसंबर से 19 दिसंबर तक जिला मुख्यालय ककोर पर रोजाना सत्याग्रह किया जाएगा। इस सत्याग्रह में जनपद के सभी जागरूक नागरिकों को आमंत्रित कर, उनकी राय के आधार पर आंदोलन की आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।
संयोजक महेश पांडे ने एक बड़े आंदोलन का ऐलान करते हुए कहा कि 19 दिसंबर 2026 को समिति अपना 100वां ज्ञापन सौंपेगी। इससे पूर्व 12 दिसंबर से 19 दिसंबर तक जिला मुख्यालय ककोर पर रोजाना सत्याग्रह किया जाएगा। इस सत्याग्रह में जनपद के सभी जागरूक नागरिकों को आमंत्रित कर, उनकी राय के आधार पर आंदोलन की आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।
प्रेम विवाह के लिए माता-पिता की सहमति और 25 वर्ष की उम्र की मांग
इसके अतिरिक्त, समिति ने माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित अपना 97वां ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा। इसमें मांग की गई है कि माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह करने वाले लड़के-लड़कियों की न्यूनतम उम्र सीमा बढ़ाकर 25 वर्ष की जाए। साथ ही, प्रेम विवाह के लिए माता-पिता की अनिवार्य सहमति का कानून बनाने की भी पुरजोर मांग की गई।
इसके अतिरिक्त, समिति ने माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित अपना 97वां ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा। इसमें मांग की गई है कि माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह करने वाले लड़के-लड़कियों की न्यूनतम उम्र सीमा बढ़ाकर 25 वर्ष की जाए। साथ ही, प्रेम विवाह के लिए माता-पिता की अनिवार्य सहमति का कानून बनाने की भी पुरजोर मांग की गई।
इस मौके पर प्रवीण पालीवाल, गिरीश तिवारी, श्याम बाबू शर्मा, गिरीश सिकरवार, भानु प्रकाश केवट, श्याम मनोहर, सुरेश चन्द, सतीश चंद्र द्विवेदी, वीर नारायण पाल, रामचंद्र पाल, शिवकांत दुबे, राजेश पांडे, अरुण पांडे एडवोकेट, रामबाबू भदोरिया, दीवान सिंह भदोरिया, रविंद्र प्रताप सिंह गौर, विकास अग्निहोत्री, पीएन अवस्थी, मिलन चौबे, संतोष सिंह सेंगर, राहुल कुमार दीक्षित, गंगा चरण सविता, नाथूराम तिवारी, सर्वेश कुमार दीक्षित, सुधीर तिवारी, बदन सिंह बघेल, अरुण कुमार त्रिपाठी सहित आदि लोग उपस्थित रहे ।


