इसी वर्ष फरवरी माह में एक ईको वैन गिरी थी तालाब में, चार लोगों की मौत के बाद भी ना जागे जिम्मेदार
शिवली कानपुर देहात।
शिवली-कल्याणपुर मार्ग पर बैरी सवाई के पास सिस्टम की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है। तालाबों के किनारे संकेतक या चेतावनी बोर्ड न होने से वाहन चालकों और राहगीरों के लिए बड़ा हादसा होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। मार्ग के किनारे स्थित तालाबों के आसपास ना तो संकेतक बोर्ड लगे है और ना ही रेडियम। घनी घास, झाड़ियाँ और जलकुंभी उगने से सड़क और तालाब की सीमा का पता नहीं चलता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से सुरक्षा दीवार या संकेतक लगाए जाने की मांग की हैं।
शिवली-कल्याणपुर मार्ग पर सड़कों पर सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार पूरी तरह से लापरवाही बरत रहे हैं। कई जनपदों में हुई घटनाओं से भी सीख लेने की जगह अनदेखी कर देते हैं। ग्रामीणों की शिकायतों पर संज्ञान लेना तो छोड़िए शिवली-कल्याणपुर मार्ग पर कई स्थान ऐसे हैं जहां जरा सी चूक हो जाने से सड़क हादसों में लोग जान भी गवां चुके हैं। इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब पांच हजार वाहनों का आवागमन होता है। मार्ग पर सड़क सुरक्षा मानक शून्य होने के चलते वाहन चालकों को हादसे का डर सताया करता हैं। कस्बा शिवली, बैरी सवाई, टोडरपुर आदि स्थानों पर मार्ग से सटे तालाब हैं। इन दिनों लगातार हुई बारिश के चलते तालाब उफान पर हैं जिससे वाहन चालकों को सड़क और तालाब की सीमा का पता ही नहीं चलता।
फरवरी माह में अनियंत्रित हो तालाब में गिरी थी वैन
इसी वर्ष फरवरी माह में बैरी सवाई, साँचुला माता मंदिर के पास औरैया के सहायल से कानपुर जा रही वैन का पहिया गड्ढे में जाने से वैन तालाब में पलट गई थी। डूबने से कानपुर के आवास विकास कल्याणपुर-3 निवासी राजकिशोर अग्निहोत्री, उनकी पत्नी स्नेहलता, बेटी राखी उर्फ हिमांशू अग्निहोत्री, नाती शिव की डूबने से मौत हो गई थी। हादसे में चार लोगों की जान चली जाने पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने नाराजगी जाहिर कर जिम्मेदारों को तुरंत घटना स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। जिम्मेदारों ने जिलाधिकारी के निर्देश को भी अनदेखा करते हुए जमीनी स्तर पर खानापूर्ति कर दी थी। तालाब के किनारे स्थित दोनों गहरे गड्ढों को भरने के नाम पर महज मिट्टी ड़लवा दी गई। पास में मोड़ होने के बावजूद भी कोई संकेतक नहीं लगवाया गया और न ही प्रकाश की व्यवस्था करवाई गई।
स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों में भारी आक्रोश
वहीं स्थानीय ग्रामीणों सौरभ तिवारी, सुनील, शमशाद, साहिल, मो हनीफ, रामजी मिश्रा, रवी दुबे, श्याम जी आदि का कहना है कि तमाम हादसों के बाद भी जिम्मेदार संबंधित स्थान पर सुरक्षा की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दीवार, क्रैश बैरियर व संकेतक लगवाने की भी सुध नहीं लेते हैं। जिम्मेदारों ने गड्ढों को मिट्टी डालकर भर दिया और क्रैश बैरियर के स्थान पर बालू भरी बोरियां रखकर किनारा कर लिया। व्यस्ततम मार्ग पर इस प्रकार की खानापूर्ति दुर्भाग्यपूर्ण है। जल्द ही सड़क पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। जिससे भविष्य में तालाब के पास कोई हादसा न हो।


