औरैया: अजीतमल में गोवंश की मौत से कान्हा गौशाला की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, अव्यवस्थाओं का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान, एसडीएम ने दिए व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश, चारा-पानी, जलभराव और साफ-सफाई की व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

सिराजुद्दीन (मुन्ना) पत्रकार
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योगेंद्र गुप्ता अजीतमल (औरैया)। नगर पंचायत बाबरपुर-अजीतमल द्वारा संचालित कान्हा गौशाला में बारिश के बाद उत्पन्न हुई अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। गौशाला परिसर में कीचड़ और जलभराव के बीच गोवंश के फंसने तथा कुछ गोवंश की मौत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। वीडियो सामने आने के बाद गौशाला में गोवंश की देखरेख, चारा-पानी और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के चलते गौशाला परिसर के कई हिस्सों में काफी कीचड़ जमा हो गया है। ऐसे में कमजोर और वृद्ध गोवंश के लिए चलना-फिरना मुश्किल हो रहा है। आरोप है कि कई बार गोवंश कीचड़ में फंस जाते हैं और समय रहते उन्हें बाहर नहीं निकाला जाता। इसी कारण कुछ गोवंश के कीचड़ में पड़े रहने से मौत होने की बात कही जा रही है। पिछले कई दिनों से गोवंश की मौत होने की जानकारी भी स्थानीय लोगों द्वारा दी गई है।

गौशाला से वायरल हुए वीडियो में परिसर की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। कई दिनों से पानी जमा होने के कारण उसमें गंदगी और कीड़े पड़ने की शिकायत भी सामने आई है। लोगों का कहना है कि गौशाला में नियमित रूप से साफ-सफाई, जलनिकासी और कीचड़ हटाने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर उप जिलाधिकारी अजीतमल निखिल राजपूत ने बताया कि कान्हा गौशाला को कुछ माह पूर्व ही शुरू किया गया है। गौशाला में निर्माण से संबंधित कुछ कार्य अभी शेष हैं। बरसात के चलते परिसर में कीचड़ की समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अधिकारी को गौशाला की व्यवस्थाएं शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उप जिलाधिकारी ने कहा कि गौशाला में गोवंश के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी। जलभराव और कीचड़ की समस्या को दूर करने के साथ ही साफ-सफाई, चारा और पेयजल की व्यवस्था पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित दोषी कर्मचारी या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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