मंगलपुर में नहर विभाग की जमीन पर खुलेआम अवैध खनन, नहर हुई खोखली - जिम्मेदार मौन*

प्रशांत श्रीवास्तव, संवाददाता रूरा
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 **मंगलपुर में नहर विभाग की जमीन पर खुलेआम अवैध खनन, नहर हुई खोखली - जिम्मेदार मौन*जुरिया के दबंग ने जेसीबी से दिनदहाड़े कराया खनन, इंटरलॉकिंग में लगाई सरकारी मिट्टी, ग्रामीणों ने DM-SP से की शिकायत*



*मंगलपुर / कानपुर देहात।*

कानपुर देहात की डेरापुर तहसील में अवैध खनन माफिया इस कदर बेलगाम हो चुके हैं कि अब सरकारी विभागों की जमीन भी सुरक्षित नहीं बची है। ताजा मामला मंगलपुर थाना क्षेत्र के जुरिया गांव का है, जहां नहर विभाग की कीमती जमीन को जेसीबी से दिनदहाड़े खोदा जा रहा है और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।

 खनन माफिया ग्रामीणों के मुताबिक जुरिया निवासी संजू यादव पुत्र बलराम यादव ने नहर विभाग की जमीन पर अपना कब्जा जमा रखा है। आरोप है कि उसने पिछले कई दिनों से नहर किनारे जेसीबी मशीन लगाकर अवैध रूप से मिट्टी और मोरंग का खनन कराया है। सूत्र बताते हैं कि यह खनन रात के अंधेरे में नहीं, बल्कि दिनदहाड़े प्रशासन की नाक के नीचे किया जा रहा है, जिससे विभाग की मिलीभगत पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।*सरकारी मिट्टी से निजी काम -सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि नहर से निकाली गई लाखों रुपये की मिट्टी-मोरंग को गांव के ही भीखा पुरवा में हो रहे इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया गया है। यानी सरकार की जमीन से मिट्टी चोरी करो और उसी मिट्टी को ठेकेदारी में लगाकर दोहरा मुनाफा कमाओ। इस खेल में संबंधित ठेकेदार की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।नहर को खतरा, गांव को डर -नहर किनारे लगातार हो रहे इस अवैध खनन से नहर की नींव खोखली हो गई है। बरसात के मौसम में नहर के टूटने और पूरे गांव में बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा मंडरा रहा है।

 इससे सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद होने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी लाखों रुपये का चूना लग रहा है। अगर समय रहते रोक नहीं लगी तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों में भारी आक्रोश, प्रशासन से गुहार इस पूरे मामले को लेकर जुरिया और भीखा पुरवा के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार हल्का लेखपाल और नहर विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।अब ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कानपुर देहात और खनन अधिकारी से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर जांच कराई जाए, नहर की जमीन की पैमाइश कराई जाए और दोषी संजू यादव सहित इसमें शामिल जेसीबी मालिक और ठेकेदार के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोग तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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