औरैया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने औरैया के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को एक बड़े मामले में बड़ी राहत दी है। अदालत ने जेल से रंगदारी वसूली का रैकेट चलाने के आरोप में औरैया में दर्ज मुकदमे की न्यायिक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। जस्टिस की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। बता दें कि कमलेश पाठक अपने भाई समेत नौ लोगों के साथ उम्रकैद की सजा के एक अन्य मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं।
कोर्ट में वकीलों ने रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान कमलेश पाठक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रभान यादव और शिव बहादुर सिंह ने हाई कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि कमलेश पाठक वर्ष 2020 से ही एक दूसरे मामले में जेल में बंद हैं। मौजूदा मुकदमे में उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने जेल के भीतर से सह-आरोपी अब्दुल सत्तार के जरिए रंगदारी वसूली का रैकेट चलाया था।
संपर्क के सबूतों पर अदालत ने उठाए गंभीर सवाल
हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और शिकायतकर्ता (विपक्षी पक्ष) की दलीलों पर गंभीर सवाल खड़े किए। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि राज्य और शिकायतकर्ता यह साबित करने में पूरी तरह असमर्थ रहे कि जांच के दौरान ऐसा कौन सा साक्ष्य मिला, जिससे यह साफ हो सके कि कमलेश पाठक ने जेल के अंदर से अब्दुल सत्तार से संपर्क किया था।
केस दर्ज करने में 5 साल की देरी पर असंतोष
अदालत ने इस बात को भी रेखांकित किया कि शिकायतकर्ता ने इससे पहले वर्ष 2021 में भी एक मुकदमा दर्ज कराया था। उस मामले में अब्दुल सत्तार तो आरोपी थे, लेकिन कमलेश पाठक पर रंगदारी का कोई आरोप नहीं था। इसके करीब पांच साल बाद वर्ष 2026 में अचानक यह नया मुकदमा दर्ज कराया गया। अदालत के मुताबिक, इस लंबी देरी को लेकर शिकायतकर्ता की ओर से कोई संतोषजनक सफाई या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
आरोपपत्र (चार्जशीट) में जेल अधिकारियों के बयान तक नहीं
हाई कोर्ट ने जांच की कमियों को उजागर करते हुए कहा कि कमलेश पाठक के जेल में होने के बावजूद, उनके खिलाफ जेल से रैकेट चलाने के आरोप के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया गया। बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र (चार्जशीट) में न तो जेलर का बयान शामिल है और न ही किसी अन्य जिम्मेदार जेल अधिकारी का।
विपक्षी पक्षों को तीन सप्ताह का समय, 16 अक्टूबर को अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने इस मामले को सुनवाई के योग्य मानते हुए विपक्षी पक्षों (राज्य सरकार और शिकायतकर्ता) को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का समय दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, केस क्राइम नंबर 14/2026 (थाना औरैया) से जुड़े इस पूरे मुकदमे की न्यायिक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक पूरी तरह रोक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।

