औरैया (ब्यूरो)। औरैया साहित्य मंच के तत्वावधान में रविवार रात को चौ. वि. सिंह भारतीय बालिका इंटर कॉलेज में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साहित्यप्रेमियों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया पंडित ने की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आंजनेय शाह अवस्थी और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदीप चतुर्वेदी उपस्थित रहे। गोष्ठी का भव्य शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पूजन-अर्चन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद कवि ईशांक पोरवाल ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गति दी। मंच का कुशल संचालन कवि निर्मल कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया।
कविताओं से गूंजा सभागार
काव्य गोष्ठी के दौरान देश के कोने-कोने से आए प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। राष्ट्रीय कवि अजय शुक्ल 'अंजाम', कवि अनिरुद्ध त्रिपाठी और कवयित्री गीता चतुर्वेदी ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही डॉ. गोविंद द्विवेदी, डॉ. गुरु प्रताप वर्मा, मिथुन मिश्रा, कृष्ण कुमार 'कृष्णा', योगेश दीक्षित, गोपाल पांडेय, विपिन राजपूत, अभिषेक तिवारी 'तंदुरुस्त', माधेवेन्द्र प्रताप 'प्रत्यूस', विवेकराज 'बेदर्द' और प्रशांत अवस्थी 'प्रखर' सहित अनेक कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत कीं।
काव्य गोष्ठी के दौरान देश के कोने-कोने से आए प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। राष्ट्रीय कवि अजय शुक्ल 'अंजाम', कवि अनिरुद्ध त्रिपाठी और कवयित्री गीता चतुर्वेदी ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही डॉ. गोविंद द्विवेदी, डॉ. गुरु प्रताप वर्मा, मिथुन मिश्रा, कृष्ण कुमार 'कृष्णा', योगेश दीक्षित, गोपाल पांडेय, विपिन राजपूत, अभिषेक तिवारी 'तंदुरुस्त', माधेवेन्द्र प्रताप 'प्रत्यूस', विवेकराज 'बेदर्द' और प्रशांत अवस्थी 'प्रखर' सहित अनेक कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत कीं।
विविध रंगों में सराबोर रहीं प्रस्तुतियां
कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विविध पहलुओं को बेहद खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। कवियों की शानदार और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया और पूरा सभागार लगातार गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। उपस्थित श्रोताओं ने सभी रचनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की।
कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विविध पहलुओं को बेहद खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। कवियों की शानदार और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया और पूरा सभागार लगातार गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। उपस्थित श्रोताओं ने सभी रचनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की।
साहित्यिक संकल्प के साथ समापन
इस सफल आयोजन ने उपस्थित लोगों में साहित्य, कविता और संस्कृति के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मंच पर पधारे सभी अतिथियों, रचनाकारों और काव्य-प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही जिले में साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।
इस सफल आयोजन ने उपस्थित लोगों में साहित्य, कविता और संस्कृति के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मंच पर पधारे सभी अतिथियों, रचनाकारों और काव्य-प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही जिले में साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।




