रिपोर्टर प्रशांत कुमार
रूरा कानपुर देहात।
कस्बे रूरा की सड़कों पर आवारा जानवर बेखौफ घूम रहे हैं। सबसे बड़ी बात ये कि गौशाला मौजूद होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर पंचायत इस गंभीर समस्या पर चुप हैं। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और खासकर बच्चों को रोज खतरा बना हुआ है। कस्बे की मुख्य सड़कों, बाजारों और चौराहों किसी भी समय आवारा पशुओं को घूमते देखा जा सकता है।
बताते चलें कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार ने आवारा पशुओं से किसानों की फसलों को बचाने, सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और बेसहारा गौवंश को सुरक्षित आश्रय व पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिए गौशाला बनाने की योजना रूप दिया और जिम्मेदार अधिकारियों को आदेश दिया गया कि आवारा पशुओं को तुरंत गौशाला में शिफ्ट किया जाए और नगर पंचायत सड़कों को अतिक्रमण व पशुओं से मुक्त कराए। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाती नजर आ रही आदर्श नगर पंचायत रूरा।
रूरा नगर पंचायत में गौशाला होने के बावजूद पशुओं को वहां नहीं रखा जा रहा। अधिकारियों की लापरवाही चलते पशुओं को कस्बे की मुख्य सड़कों, बाजारों और चौराहों किसी भी समय आवारा पशुओं को घूमते देखा जा सकता है।
इस समस्या से सबसे ज्यादा स्कूली बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं। पशुओं के डर की वजह से सड़क मार्ग पार नहीं कर पाते। दोपहिया वाहन सवार अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं। कई बार नगर वासियों ने इस संबंध में शिकायत भी की लेकिन जिम्मेदार मौन धारण किए हैं। इस गंभीर समस्या से कस्बा वासियों में खासा रोष पनप रहा है।
इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि आवारा पशुओं की शिकायत प्राप्त हुई है जल्द ही पशुओं को पकड़वा कर गौशाला में भेजा जाएगा।



