शिवली: गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आश्रमों में उमड़ा शिष्यों का शैलाब, माथा टेक गुरुजनों का लिया आशीर्वाद

ब्यूरो कानपुर देहात राहुल मिश्रा
0

 

शिवली कानपुर देहात।


गुरु का ज्ञान मन के अज्ञान और भ्रम के अंधकार को मिटाकर सत्य का प्रकाश फैलाता है। गुरु वह दीपक हैं जो हमारे जीवन से अंधकार दूर करते हैं। गुरु से हमें ज्ञान, सही मार्ग और जीवन जीने की कला की सीख मिलती है। वे हमारे जीवन का अंधकार दूर करते हैं, हमें अच्छे-बुरे की पहचान कराते हैं। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुदेव भगवान का पूजन-अर्चन करने के पश्चात यह बात हनुमानगढ़ी कड़री आश्रम के सर्वराकार अखिलेश बाजपेई अन्नू ने भक्तों के बीच कहीं ।


कड़री आश्रम शिवली का मनोहारी दृश्य


                   अखिलेश बाजपेई अन्नू ने भक्तों को बताया कि अनेकों जन्मों में पूण्य कर्म करने के पश्चात जीव को मानव जीवन मिल पाता है इसे व्यर्थ न जाने दे। उन्होंने कहा कि इंसान के जन्म लेने के पश्चात उसकी पहली गुरु उसके माता-पिता होते हैं जो उसे चलना व बोलना सिखाते हैं लेकिन कुछ लोग बड़े होने पर माया के वसी भूत होकर अपने माता-पिता को ठुकरा उन्हें बुढ़ापे में भटकने को विवश कर देते हैं ऐसे लोग नरक गामी होते हैं। उन्हें घोर कष्टों का सामना करना पड़ता है। जिस घर में माता-पिता का आदर व सम्मान होता है उस घर में परमात्मा स्वयं निवास करते हैं जिसके परिणाम स्वरुप वह घर हमेशा खुशियों से भरा रहता है। उन्होंने कहा कि कभी भी अपने गुरुजनों का अनादर नहीं करना चाहिए। आश्रम में हवन पूजन किया गया।




       गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर क्षेत्र के शोभन आश्रम में भक्तों की भारी भीड़ उंमडी। अनेकों जनपदों से आए भक्तों ने आश्रम की आधार शिला रखने वाले ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव भगवान रघुनंदन दास जी महाराज तथा आश्रम को तीर्थ स्थल की भांति विकसित करने वाले ब्रह्मलीन परमहंस 1008 स्वामी विरक्तानंद जी महाराज की प्रतिमाओं का पूजन अर्चन कर आश्रम में माथा टेक, भंडारे में शादी ग्रहण कर महंत हरि शरणम पांडे से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर गुरुदेव भगवान के जय घोष से आश्रम गूंजता रहा। इसी तरह योगेश्वर आश्रम बागपुर , हनुमान कुटी गौ घाट बेहटा आश्रम में भक्तों ने मत्था टेक गुरुदेव भगवान महंत स्वामी ज्ञानी दास त्यागी जी महाराज से आशीर्वाद लिया। पवन तनय आश्रम रंजीतपुर में भी भक्तों की भारी खीड उमड़ी। भक्तों ने आश्रम में मत्था टेक महंत बाबा गोपालानंद महाराज से आशीर्वाद लिया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)
3/related/default