औरैया (विशेष संवाददाता)। सावन मास, कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और सावन के प्रथम सोमवार के विशेष संयोग पर आज जनपद के ऐतिहासिक देवकली मंदिर में शिव भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए तड़के 4 बजे से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
ऐसी धार्मिक मान्यता है कि सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भी भगवान शिव को वर के रूप में प्राप्त करने के लिए सावन के महीने में ही कठोर तपस्या की थी। इसी अटूट विश्वास के साथ शिव भक्त सावन में देवों के देव महादेव की आराधना, उपासना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं। दूर-दूर से पवित्र नदियों का जल लेकर आए कांवड़िए श्रद्धाभाव से शिवलिंग पर जल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
जौ के बराबर बढ़ता है शिवलिंग, कई राज्यों से आते हैं श्रद्धालु
देवकली मंदिर की महिमा दूर-दूर तक फैली है। यही कारण है कि यहाँ केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ चढ़ाने आते हैं। मंदिर की एक और अनोखी विशेषता यह है कि यहाँ स्थापित शिवलिंग का आकार प्रति वर्ष जौ के दाने के बराबर बढ़ जाता है। भक्तों का मानना है कि इस दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता।
देवकली मंदिर की महिमा दूर-दूर तक फैली है। यही कारण है कि यहाँ केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ चढ़ाने आते हैं। मंदिर की एक और अनोखी विशेषता यह है कि यहाँ स्थापित शिवलिंग का आकार प्रति वर्ष जौ के दाने के बराबर बढ़ जाता है। भक्तों का मानना है कि इस दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, यमुना तट पर गोताखोर तैनात
मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर मार्ग पर बड़े वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर मार्ग पर बड़े वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर और रास्तों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस सेवा और बिछड़े लोगों के लिए खोया-पाया केंद्र भी बनाया गया है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है, जिससे सभी सुगमता से दर्शन कर सकें। वहीं, कांवड़ और डाक कांवड़ लेकर आने वाले शिव भक्तों के लिए दूसरे द्वार से प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, यमुना नदी से जल भरने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर नदी तट पर जिला प्रशासन द्वारा गोताखोरों की मुस्तैद तैनाती की गई है।





