शिवली कानपुर देहात।
कस्बा शिवली में श्री गणपति सेवा समिति के तत्वावधान में चल ग्यारहवें गणेश महोत्सव के षष्ठम दिवस पर राम लीला का सजीव मंचन किया गया जिसमें श्री राम सीता विवाह एवं परशुराम लक्ष्मण का तार्किक पूर्ण संवाद हुआ, जिसे देख दर्शक गण मंत्र मुग्ध हो उठे। कार्यक्रम के दौरान विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
कस्बा शिवली में गणेश महोत्सव पर आयोजित राम लीला का शुभारंभ मुकेश बाजपेई पिंकू और उत्तर प्रदेश राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय शुक्ला ने भगवान गणेश और श्रीराम दरबार की आरती उतारकर किया गया। जनक का अभिनय कर रहे राजेंद्र सिंह राजावत कानपुर का मार्मिक विलाप सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। लीला के दौरान दिखाया गया कि दूर-दूर से आए राजा शिव धनुष को हिला तक नहीं पाते हैं। इस पर जनक के विलाप ने सभी राजाओं को झकझोर दिया जिसमें उन्होंने कहा कि क्या पृथ्वी वीरों से खाली है। इस पर सुमित्रानंदन लक्ष्मण का क्रोध देख श्री राम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पा उस धनुष को हाथ में पकड़ते ही दो खंड कर दिए धनुष की आवाज ने भार्गव परशुराम की तपस्या भंग कर दी और सीधे जनक दरवार पहुंच शिव धनुष के खंड देख आगबबूला हो गए और राजा जनक से प्रश्न करने लगे तथा वहां उपस्थित सभी राजाओं से पूंछा कि वह इस सभा से अलग हो जाए अन्यथा सभी एक साथ दंडित होंगे। सभी के साथ अपनी सहभागिता देख लक्ष्मण की आंखें लाल हो गई और वह सीधे परशुराम से तर्क करने लगे। इधर लक्ष्मण-परशुराम की तार्किक और वीरतापूर्ण संवादों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष श्रीहरि दीक्षित ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण करते हुए, अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान कमलेश मिश्रा, गोपी पांडे, अनिल दीक्षित, रमन, मानस, बेटन, सिक्कू दुबे आदि मौजूद रहे।


