शिवली: बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से हो रहा है फसलों को नुकसान, अन्नदाता परेशान

ब्यूरो कानपुर देहात राहुल मिश्रा
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शिवली कानपुर देहात।


बीते दिनों हुई लगातार बारिश के बाद अब तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। उमस भरी गर्मी से फसलों में फंगस, बैक्टीरिया जनित रोग और कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे धान , मक्का, बाजरा आदि की पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है। उमस भरा मौसम ब्लाइट, रतुआ, धब्बेदार पत्तियां और डाउनी मिल्ड्यू जैसे रोगों को बढ़ावा देता है, जिससे पौधे जल्दी सूखने लगते हैं।



              इफको बाजार शिवली के कृषि विशेषज्ञ अभिषेक पांडे और प्रतीक शुक्ला ने बताया कि बारिश के बाद पानी भरे रहने और उमस भरी धूप निकलने पर मिट्टी का तापमान और नमी का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे पौधों की जड़ें ऑक्सीजन की कमी से दम घुटने और सड़ने लगती हैं। गीली मिट्टी के बाद अचानक तेज धूप निकलने से पौधों को 'एनवायरनमेंटल स्ट्रेस' होता है, जिससे वे मिट्टी से जरूरी पोषक तत्व नहीं ले पाते और विकास रुक जाता है, जिससे पैदावार में भरी गिरावट देखने को मिलती हैं। पकी हुई या तैयार फसलों में नमी और उमस के कारण दाने काले पड़ने, फल फटने या सड़ने की समस्या सामने आती है। इस समस्या से बचने के लिए किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी बिल्कुल न रुकने दें। जलभराव होते ही तुरंत पानी बाहर निकालें। मिट्टी से पोषक तत्व बह जाने की स्थिति में विशेषज्ञों की सिफारिश पर ही संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग करें।


वहीं रामऔतार, सुनील कुमार, कृष्णकुमार, दिनेश, मुन्ना, सचिन, सोनू आदि अन्नदाताओं ने उच्च अधिकारियों से फसलों में हो रहे नुकसान की भरपाई हेतु मुआवजे की मांग की है।


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