योगेंद्र गुप्ता अजीतमल (औरैया)। बाबरपुर-अजीतमल नगर पंचायत क्षेत्र में तालाबों और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने सक्रियता शुरू कर दी है। प्रशासन ने तालाबों और सरकारी भूमि पर स्थायी निर्माण कर कब्जा करने वालों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में गुरुवार को उपजिलाधिकारी विनोद कुमार मीणा ने तहसीलदार अविनाश कुमार और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी प्रदीप कुमार के साथ नगर के विभिन्न स्थानों और तालाबों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तालाबों की वास्तविक स्थिति, साफ-सफाई, अतिक्रमण तथा वहां कराए गए पार्क और अन्य विकास कार्यों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था मिलने पर एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी को नियमित रूप से सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही तालाबों में कराए गए विकास कार्यों की भी समीक्षा करने को कहा।
एसडीएम ने कहा कि तालाबों का विकास करते समय उनके प्राकृतिक और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखना जरूरी है। तालाब की भूमि पर छज्जे, दीवार, चबूतरे अथवा अन्य किसी प्रकार का स्थायी निर्माण कर कब्जा किया गया है तो संबंधित लोगों को उसे अपने स्तर से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि तालाबों की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से निरीक्षण किया गया है। नगर पंचायत को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही तालाबों को उनके मूल स्वरूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा तालाबों में बनाए गए पार्क और अन्य निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की जा रही है।
प्रशासन का उद्देश्य तालाबों की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उन्हें जल संरक्षण के लिए उपयोगी बनाना है। अधिकारियों के निरीक्षण और अतिक्रमण हटाने के निर्देश से तालाबों एवं अन्य सरकारी भूमि पर कब्जा किए लोगों में खलबली मची हुई है।





