शिवली कानपुर देहात।
ब्लॉक मैंथा के स्कूल में कथित तौर पर डांट और और शिक्षकों द्वारा मारपीट से परेशान हो एक 13 वर्षीय नाबालिक छात्र द्वारा कीटनाशक दवा पीकर जान देने का प्रयास किया गया। कीटनाशक दवा पीने की जानकारी होते ही परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। छात्र के परिजन उसको लेकर अस्पताल भागे जहां अभी उसका उपचार चल रहा है। पिता ने स्कूल की शिक्षिकाओं समेत पांच लोगों पर बेटे को पीटने का आरोप लगाया है।
ब्लॉक मैंथा निहुटा गांव निवासी ने बताया कि उसका 13 वर्षीय पुत्र शिवांश गांव में ही स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा आठ में पढ़ता है। पिता ने स्कूल शिक्षकों पर आरोप लगाया कि 21 सितंबर की सुबह करीब आठ बजे वह रोज की तरह स्कूल गया था। करीब 11 बजे घर लौटने के बाद वह काफी परेशान नजर आया। डरा सहमा शिवांश ने मौका पाकर उसने घर में रखी खेत में डालने वाली कीटनाशक दवा पी ली। कीटनाशक दवा पीते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आनन फानन परिजन उसे कानपुर नगर के कल्याणपुर स्थित नारायण अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार कराया। अस्पताल में होश आने पर शिवांश ने बताया कि चार-पांच दिन पहले भी स्कूल के शिक्षकों ने उसके साथ मारपीट की थी। घटना वाले दिन विद्यालय की प्रधानाचार्य रेखा विश्वकर्मा, शिक्षक अर्चना त्रिपाठी, उमा यादव, संजय त्रिपाठी और परिचर कल्पना ने उसे पीटा। छात्र ने आरोप लगाया कि रेखा विश्वकर्मा ने उसके बाल पकड़कर सिर दीवार से टकराया और सभी ने उसे कमरे में बंद कर दिया। साथ ही पुलिस बुलाकर जेल भेजने की बात कही गई। कमरे में बंद करने और पुलिस बुलाकर जेल भेजने की धमकी से वह काफी दर गया और कीटनाशक दवा पी ली । वहीं मामले की जांच करने पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी मैंथा दिग्विजय सिंह ने बताया कि लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सही जानकारी हो सकेगी।
शिवली कोतवाली प्रभारी अमरेंद्र सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



